जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सोमवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान एक सेना के हवलदार की शहादत हो गई। यह मुठभेड़ कश्मीर के सिंहपुरा इलाके में हुई, जहां सेना ने आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन TRASHI-I चलाया।
हवलदार गजेन्द्र सिंह ने दी शहादत
सेना की आधिकारिक बयान के अनुसार, “व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) और सभी रैंक हवलदार गजेन्द्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने सिंहपुरा क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन TRASHI-I के दौरान वीरता से अपनी शहादत दी।” हवलदार गजेन्द्र सिंह विशेष बलों के एक वीर सदस्य थे, जिन्होंने अपनी जान की आहुति दी।
बता दें कि यह मुठभेड़ 19 जनवरी 2026 की रात को हुई, जब सेना और आतंकवादियों के बीच तीव्र गोलीबारी हुई। इस संघर्ष में कम से कम आठ सैनिक घायल हो गए। सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने तुरंत घायल जवानों को चिकित्सा सहायता प्रदान की और मुठभेड़ स्थल से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया।
ऑपरेशन TRASHI-I का विस्तार
सेना के अधिकारियों के मुताबिक, ऑपरेशन TRASHI-I अब भी जारी है। यह ऑपरेशन किश्तवाड़ जिले के चाटरू क्षेत्र और सोन नार के आसपास के इलाके में चलाया जा रहा है। सेना, जम्मू और कश्मीर पुलिस, और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम क्षेत्र में तैनात है। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लागू किया है।
किश्तवाड़ जिले के चाटरू क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवादियों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया था। मुठभेड़ के दौरान, सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को घेर लिया, लेकिन जवाबी हमले में हवलदार गजेन्द्र सिंह के अलावा आठ अन्य सैनिक घायल हो गए। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस संघर्ष में घायल सैनिकों को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता प्रदान की।
सुरक्षा बलों का समर्पण और ऑपरेशन की निरंतरता
ऑपरेशन TRASHI-I का उद्देश्य किश्तवाड़ और इसके आसपास के क्षेत्रों में आतंकवादियों के नेटवर्क को ध्वस्त करना है। जम्मू और कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की यह लगातार कार्रवाई जारी है। इस ऑपरेशन में सेना के साथ-साथ जम्मू और कश्मीर पुलिस और CRPF भी हिस्सा ले रही है।
आतंकी मुठभेड़ में जान गंवाने वाले जवानों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया गया है। सेना ने कहा है कि आतंकवादियों को जड़ से उखाड़ने के लिए सुरक्षा बलों का अभियान जारी रहेगा।
जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा स्थिति
कश्मीर में सुरक्षा स्थिति को लेकर कई सालों से संघर्ष जारी है। किश्तवाड़, जो कश्मीर के दक्षिणी हिस्से में स्थित है, आतंकवादी गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में आतंकवादी हमलों में वृद्धि देखी गई है, और सुरक्षा बलों ने इन हमलों का डटकर मुकाबला किया है।
सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई के बावजूद, यह क्षेत्र अभी भी आतंकवादी गतिविधियों से प्रभावित है। सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए अधिक सक्षम और प्रभावी कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। ऑपरेशन TRASHI-I इसका हिस्सा है, जिसमें आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
आतंकवादियों के खिलाफ संयुक्त अभियान
यह मुठभेड़ जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की निरंतर लड़ाई का हिस्सा है। सेना, पुलिस और CRPF के साथ मिलकर आतंकवादियों को हर मोर्चे पर चुनौती दी जा रही है। विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां आतंकवादियों की सक्रियता अधिक है, वहां सुरक्षा बलों ने अपने ऑपरेशंस को तेज किया है।
शहादत का महत्व और सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता
हवलदार गजेन्द्र सिंह की शहादत को देखते हुए सेना ने उनकी वीरता को सलाम किया। सेना के अधिकारियों ने कहा कि जवानों की शहादत ने सुरक्षा बलों के साहस और समर्पण को दर्शाया है। उनकी शहादत को हमेशा याद किया जाएगा, और उनकी कुर्बानी देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान जारी रहेगा और जल्द ही इस ऑपरेशन के परिणाम सामने आएंगे। इस मुठभेड़ और शहादत ने सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता और समर्पण को और भी मजबूत किया है।
किश्तवाड़ जिले में सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन TRASHI-I के दौरान हुई मुठभेड़ में हवलदार गजेन्द्र सिंह की शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि हमारे जवान किसी भी परिस्थिति में अपने कर्तव्यों को निभाने में कभी पीछे नहीं हटते। उनकी शहादत और घायल जवानों के प्रति सुरक्षा बलों की तत्परता देशवासियों के लिए गर्व का कारण है। आतंकवादियों के खिलाफ जारी इस संघर्ष में सुरक्षा बलों की भूमिका महत्वपूर्ण है, और यह मुठभेड़ निश्चित ही आतंकवादियों को चेतावनी देने वाली होगी।