दुबई दौरे से जुड़ी खबरों पर थरूर की प्रतिक्रिया
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शशि थरूर हाल ही में दुबई गए थे, जहां उन्होंने एक साहित्य महोत्सव में हिस्सा लिया। इसी दौरान कुछ खबरों में दावा किया गया कि थरूर ने सीपीएम से जुड़े कुछ लोगों के साथ बातचीत की है। जब दुबई में पत्रकारों ने इस संबंध में उनसे सवाल किया, तो उन्होंने सीधे तौर पर इन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
शशि थरूर ने कहा कि उन्होंने उड़ान के दौरान इस तरह की खबरें देखी हैं, लेकिन विदेश में रहते हुए राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने किसी भी तरह की ‘डील’ या राजनीतिक बातचीत के दावों की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया।
कांग्रेस के भीतर नाराजगी की चर्चाएं
शशि थरूर को लेकर अटकलें ऐसे समय में तेज हुई हैं, जब कांग्रेस के अंदर उनकी नाराजगी की चर्चा सामने आई है। बताया जा रहा है कि कोच्चि में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें पार्टी नेतृत्व की ओर से अपेक्षित महत्व नहीं मिला। इसके अलावा, केरल कांग्रेस के कुछ नेताओं पर उन्हें लगातार हाशिये पर रखने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
हाल ही में कोझिकोड में आयोजित केरल लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान खुद शशि थरूर ने कहा था कि उनके कुछ मुद्दे हैं, जिन पर पार्टी के भीतर चर्चा की जाएगी। इसके बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें और तेज हो गईं।
LDF और CPM का आधिकारिक रुख
इन खबरों के बीच वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के संयोजक टीपी रामकृष्णन ने शशि थरूर से किसी भी तरह की बातचीत के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शशि थरूर के साथ न तो सीपीएम और न ही LDF की कोई राजनीतिक चर्चा हुई है।
रामकृष्णन ने यह भी कहा कि फिलहाल शशि थरूर कांग्रेस के सांसद हैं और अपनी पार्टी की राजनीतिक लाइन से बंधे हुए हैं। उनके अनुसार, जब तक थरूर कांग्रेस में हैं, तब तक LDF के साथ किसी भी तरह की बातचीत का सवाल ही नहीं उठता।
‘विचारधारा स्वीकार करने पर ही संभव है चर्चा’
LDF संयोजक ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति या समूह वाम मोर्चे की राजनीतिक लाइन और विचारधारा को स्वीकार करता है, तो उसके लिए दरवाजे खुले हैं। हालांकि, उन्होंने यह जोड़ा कि मौजूदा स्थिति में शशि थरूर उस श्रेणी में नहीं आते।
रामकृष्णन के मुताबिक, LDF अपने राजनीतिक आधार को बढ़ाने के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन यह प्रक्रिया स्पष्ट राजनीतिक सहमति और विचारधारा के आधार पर ही होती है।
फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं
दुबई दौरे, कथित बैठकों और कांग्रेस से नाराजगी की खबरों के बीच शशि थरूर या उनके करीबी नेताओं की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कांग्रेस पार्टी की ओर से भी इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इन चर्चाओं और बयानों ने केरल की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में शशि थरूर के कदम और कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।