महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और वरिष्ठ एनसीपी नेता अजित पवार का बुधवार सुबह बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया। अजीत पवार उस समय बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें ज़िला परिषद चुनावों की रैली को संबोधित करना था। उनके साथ विमान में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें दो सहयोगी और दो क्रू मेंबर शामिल थे।
वह जिस विमान में यात्रा कर रहे थे, वह लियरजेट 45 था। यह विमान सुबह 7:00 बजे उड़ान भरने वाला था, लेकिन तकनीकी कारणों या अन्य वजहों से विमान 8:10 बजे टेकऑफ़ कर पाया। दुर्घटना की सूचना एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को सुबह 9:12 बजे मिली। विमान बारामती के रनवे के पास क्रैश-लैंड हुआ, जिससे अजीत पवार और अन्य सवारों की मौत हो गई।
DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन) के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विमान में कुल पांच लोग सवार थे। पवार के साथ दो सहायक और दो पायलट थे। हादसे के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाएं और सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोग भी दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और राहत तथा बचाव कार्य में मदद की। DGCA की टीम ने प्रारंभिक जांच के लिए तुरंत घटनास्थल का दौरा किया। अधिकारियों ने कहा कि हादसे के कारणों की पूरी जानकारी जांच के बाद साझा की जाएगी।
अजीत पवार का राजनीतिक करियर बेहद लंबा और विविध रहा। उन्होंने 1982 में राजनीति में प्रवेश किया और सहकारी क्षेत्र से शुरू करके बारामती से कई बार विधायक बने। उन्होंने लोकसभा में भी एक बार सांसद का कार्य किया, लेकिन बाद में यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए खाली कर दी। अजीत पवार छह बार महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री रह चुके थे। उन्होंने विभिन्न सरकारों में कार्य किया, जिनमें कांग्रेस, शिवसेना और भाजपा नेतृत्व वाली सरकारें शामिल थीं।
पवार अपने समय के पाबंद और मेहनती नेता के रूप में जाने जाते थे। उनका राजनीतिक जीवन कई उतार-चढ़ाव वाला रहा। नवंबर 2019 में एनसीपी में उन्होंने बड़ा फाड़ किया और जुलाई 2023 में अपने चाचा शरद पवार के गुट से अलग हो गए। वह वर्तमान में महाराष्ट्र के वित्त और योजना मंत्री थे और आने वाले विधान सत्र में राज्य का बजट 2026-27 पेश करने वाले थे। उनके निधन से राज्य की राजनीति और बजट पेश करने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
अजीत पवार के अचानक निधन पर राजनीतिक दलों और नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनकी उपलब्धियों और योगदान को याद करते हुए कई नेताओं ने उन्हें मेहनती और दूरदर्शी नेता करार दिया। इस हादसे से राज्य और देश में शोक की लहर है।
अभी हादसे के पीछे की वास्तविक वजह की जांच जारी है। शुरुआती रिपोर्टों में विमान टेकऑफ़ में देरी और रनवे पर दुर्घटना की जानकारी शामिल है। DGCA टीम और अन्य अधिकारी हादसे के कारणों का विस्तृत अध्ययन कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं लगातार राहत कार्यों में लगी हुई हैं।
अजीत पवार का निधन न केवल उनके परिवार और सहयोगियों के लिए बल्कि पूरे महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य के लिए एक बड़ा झटका है। उनके योगदान और उपलब्धियों को आने वाले समय में याद किया जाएगा।