US से AI का झटका, TCS-Infosys समेत IT दिग्गजों के शेयर गिरे, निवेशकों का बड़ा नुकसान

Vin News Network
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अमेरिका में एआई से जुड़ी घोषणा के बाद आईटी सेक्टर के शेयरों पर दबाव दिखा।

घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को आईटी शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार की शुरुआत भले ही सकारात्मक रही हो, लेकिन कारोबार शुरू होते ही आईटी सेक्टर में तेज बिकवाली देखने को मिली। टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और विप्रो जैसे दिग्गज शेयर दबाव में आ गए। इस गिरावट के चलते आईटी कंपनियों के मार्केट कैप में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की कमी आई, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बिकवाली की प्रमुख वजह अमेरिका से आई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी नकारात्मक खबर रही।

शेयरों में कितनी आई गिरावट
कारोबार के दौरान TCS के शेयर करीब 7 प्रतिशत, Infosys लगभग 8 प्रतिशत तक टूट गए। वहीं HCL Tech, Tech Mahindra और Wipro में भी 4 से 6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स में एक ही दिन में तेज गिरावट देखी गई, जिसने पूरे बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया।

अमेरिका से आया झटका, AI बना वजह
बाजार में इस गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका से सामने आई एक खबर को माना जा रहा है। अमेरिकी टेक बाजार में उस समय दबाव बढ़ा, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic ने एक नए एडवांस्ड AI टूल को लॉन्च करने की घोषणा की। इस टूल को डॉक्यूमेंट रिव्यू, डेटा हैंडलिंग, एनालिटिक्स और प्रोसेसिंग जैसे रोजमर्रा के कार्यों को बेहद कुशलता से करने में सक्षम बताया गया है।

ये वही सेवाएं हैं, जिनके लिए अब तक वैश्विक कंपनियां बड़े पैमाने पर भारतीय आईटी सर्विस प्रोवाइडर्स पर निर्भर रही हैं। ऐसे में निवेशकों के बीच यह चिंता बढ़ गई कि आने वाले समय में AI, पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग को कम कर सकता है।

ADR में गिरावट ने बढ़ाई बेचैनी
इस चिंता का असर सबसे पहले अमेरिकी बाजार में सूचीबद्ध भारतीय आईटी कंपनियों के ADR (American Depository Receipts) पर देखने को मिला। Infosys और Wipro के ADRs में रातोंरात तेज गिरावट दर्ज की गई। ADR विदेशी बाजारों में किसी कंपनी के शेयरों का प्रतिनिधित्व करते हैं और इनमें आई गिरावट का असर अक्सर अगले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ता है।

ADR में आई कमजोरी के कारण घरेलू बाजार खुलने से पहले ही निवेशकों का रुख सतर्क हो गया था। इसका नतीजा यह रहा कि बाजार खुलते ही आईटी शेयरों में जमकर बिकवाली शुरू हो गई।

फंडामेंटल्स नहीं, भविष्य की चिंता हावी
बाजार जानकारों का मानना है कि मौजूदा गिरावट का सीधा संबंध आईटी कंपनियों के मौजूदा फंडामेंटल्स से नहीं है। कंपनियों की बैलेंस शीट, ऑर्डर बुक और मौजूदा रेवेन्यू में फिलहाल कोई तात्कालिक नकारात्मक बदलाव सामने नहीं आया है। इसके बावजूद निवेशक AI के बढ़ते प्रभाव और उसके संभावित दीर्घकालिक असर को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में यह गिरावट ज्यादा तर भविष्य की आशंकाओं पर आधारित है, जिसमें यह डर शामिल है कि अगर AI तेजी से पारंपरिक आईटी सेवाओं का विकल्प बनता है, तो भारतीय आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर दबाव आ सकता है।

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