गरियाबंद (छत्तीसगढ़) : कलेक्टर बी.एस. उईके के निर्देश पर कृषि विभाग ने जिले में उर्वरकों (खादों) की कालाबाजारी और अवैध परिवहन पर सख्ती शुरू कर दी है। शुक्रवार को कृषि उप संचालक चंदन रॉय के निर्देशन में गठित टीम ने जिले के कई खाद बीज दुकानों पर दबिश दी और अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की।
निरीक्षण के दौरान राजिम के मेसर्स श्रीराम कृषि केन्द्र, मेसर्स वर्षा कृषि सेवा केन्द्र, फिंगेश्वर के मेसर्स प्रीत कृषि केन्द्र और किसान खाद भंडार गरियाबंद सहित कई प्रतिष्ठानों पर अनियमितताएं पाई गईं। इन दुकानों में मूल्य सूची का प्रदर्शन नहीं करना, बिना लाइसेंस उर्वरक बेचना, कैश/क्रेडिट मेमो जारी न करना, स्रोत प्रमाण पत्र संलग्न किए बिना उर्वरक बेचना और अनिवार्य अभिलेखों का संधारण न करना जैसी गंभीर गड़बड़ियां मिलीं।
कृषि विभाग ने इन दुकानों के खिलाफ विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए हैं। दुकानदारों से 3 दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है।
उप संचालक चंदन रॉय ने किसानों से अपील की कि वे केवल पंजीकृत सहकारी समितियों और अधिकृत दुकानों से ही बीज व उर्वरक की खरीदी करें। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों में अभी तक 16,233 क्विंटल धान बीज (किस्म – एमटीयू-1010, एमटीयू-1001, एमटीयू-1156, स्वर्णा, महामाया आदि) और 16,566 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक (यूरिया, सुपर फास्फेट, पोटाश, एनपीके आदि) का भंडारण है। इनमें से 8,027 क्विंटल धान बीज और 12,510 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है।
किसानों से आग्रह किया गया है कि वे किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर निर्धारित दर पर धान बीज व उर्वरक प्राप्त करें और निजी दुकानों से खरीद पर पक्का बिल अवश्य लें। किसी भी अनधिकृत विक्रेता या बाहरी व्यक्ति की किसी स्कीम या ऑफर के झांसे में न आएं, जिससे अमानक खाद मिलने का खतरा हो सकता है।