मिनेसोटा के मिनियापोलिस शहर में इमिग्रेशन और कस्टम्स इनफोर्समेंट (ICE) के एक एजेंट द्वारा 37 वर्षीय महिला को गोली मारे जाने की घटना ने अमेरिका में एक बार फिर कानून प्रवर्तन और नागरिक अधिकारों को लेकर बहस तेज कर दी है। घटना के कुछ दिन बाद सामने आए नए वीडियो ने इस मामले को और भी संवेदनशील और विवादास्पद बना दिया है।
मृतक महिला की पहचान रेनी निकोल मैकलिन गुड के रूप में हुई है। वह तीन बच्चों की मां थीं और अमेरिकी नागरिक थीं। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना एक रिहायशी इलाके में उस समय हुई जब ICE एजेंट इलाके में एक फेडरल कार्रवाई के तहत मौजूद थे।
वीडियो में क्या दिखा
47 सेकंड का यह वीडियो कथित तौर पर उसी ICE एजेंट द्वारा रिकॉर्ड किया गया था जिसने गोली चलाई। फुटेज में रेनी गुड अपनी मारून रंग की Honda SUV के ड्राइवर सीट पर बैठी नजर आती हैं। गाड़ी के पीछे की सीट पर उनका पालतू कुत्ता भी मौजूद था।
वीडियो में रेनी एजेंट से शांत स्वर में बात करती दिखाई देती हैं। एक समय वह कहती सुनाई देती हैं,
“ठीक है दोस्त, मैं तुमसे नाराज़ नहीं हूं।”
इस दौरान माहौल अपेक्षाकृत शांत प्रतीत होता है और किसी तरह की हाथापाई या प्रत्यक्ष हिंसा नजर नहीं आती।
पत्नी ने किया रिकॉर्ड
गाड़ी में मौजूद दूसरी महिला, जिनकी पहचान बाद में रेनी की पत्नी के रूप में हुई, वाहन से बाहर निकलती हैं और मोबाइल फोन से एजेंट को रिकॉर्ड करना शुरू कर देती हैं। वह एजेंट से कहती हैं कि वे अमेरिकी नागरिक हैं और सवाल उठाती हैं कि उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
कुछ ही क्षणों बाद वीडियो में एक आवाज सुनाई देती है जो आदेश देती है,
“गाड़ी से बाहर निकलो।”
इसके बाद रेनी की पत्नी दोबारा वाहन में बैठ जाती हैं।
गोलीबारी का क्षण
वीडियो के अंतिम हिस्से में अचानक स्थिति बदल जाती है। जैसे ही SUV आगे बढ़ती है, कैमरा झटके से हिलता है। उसी पल कई गोलियों की आवाज सुनाई देती है। एजेंट द्वारा फायरिंग की जाती है और वाहन आगे बढ़ता हुआ कुछ दूरी पर जाकर रुकता है।
फायरिंग के तुरंत बाद कैमरे के बाहर से एक अपशब्द भी सुनाई देता है, जिससे घटना की गंभीरता और तनाव स्पष्ट होता है।
रेनी गुड को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सरकारी पक्ष और प्रतिक्रिया
घटना के बाद व्हाइट हाउस और वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो साझा करते हुए ICE एजेंट का बचाव किया। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि एजेंट ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की।
सरकारी बयान में कहा गया कि एजेंट को लगा कि वाहन उसके और अन्य अधिकारियों के लिए खतरा बन सकता है, इसलिए गोली चलाई गई।
उठ रहे हैं सवाल
वीडियो सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नेताओं और नागरिक अधिकार संगठनों का कहना है कि फुटेज में ऐसा कोई स्पष्ट दृश्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि महिला ने जानबूझकर किसी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
आलोचकों का कहना है कि एक निहत्थी महिला पर गोली चलाना अत्यधिक बल प्रयोग का मामला हो सकता है और स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से भी संभाला जा सकता था।
जनता और स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया
घटना के बाद मिनियापोलिस में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने ICE की कार्यप्रणाली और फेडरल एजेंसियों की जवाबदेही पर सवाल उठाए। शहर के कुछ स्थानीय नेताओं ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।
रेनी गुड के परिवार ने उन्हें एक शांत, संवेदनशील और जिम्मेदार मां बताया। परिवार का कहना है कि वह किसी तरह की हिंसा में शामिल नहीं थीं।
जांच जारी
इस मामले की जांच अब संघीय एजेंसियों के हवाले कर दी गई है। जांच में यह तय किया जाएगा कि एजेंट की कार्रवाई नियमों और कानून के अनुसार थी या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना अमेरिका में कानून प्रवर्तन और आम नागरिकों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है।
रेनी निकोल मैकलिन गुड की मौत ने अमेरिका में एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही कैसे तय की जाए। नया वीडियो सामने आने के बावजूद, कई पहलू अब भी अस्पष्ट हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।