प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के मौके पर लखनऊ पहुंचे। इस अवसर पर एक राष्ट्रीय स्मारक का उद्घाटन किया गया और प्रधानमंत्री ने जनता को संबोधित किया। कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए और आयोजन स्थल पर विशेष तैयारियां की गई थीं।
हालांकि, भाषण के दौरान ही भीड़ के बीच एक वीडियो सामने आया, जिसमें कुछ लोगों के बीच झड़प होती दिखी। इस झड़प की शुरुआत reportedly समोसे न मिलने को लेकर हुई। वीडियो में तीन लोग एक व्यक्ति पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वह व्यक्ति कुर्सियों पर गिरता है और अन्य लोग उसे थप्पड़, मुक्का और लात मारते हैं। इस दौरान पीएम मोदी का भाषण पृष्ठभूमि में सुनाई दे रहा है। झड़प कुछ पलों तक जारी रही, फिर स्थिति शांत होती दिखाई दी।
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हुआ। वीडियो के कैप्शन में लिखा गया: “One Nation One Samosa। मोदी के लखनऊ कार्यक्रम से आया यह वीडियो—समोसे को लेकर समर्थक आपस में झड़प करते दिख रहे हैं।”
सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रिया
वीडियो के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज़ी से सामने आईं। कुछ ने इसे मज़ाकिया अंदाज़ में देखा, तो कुछ ने गंभीरता जताई।
- एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “देश मज़बूत कुछ इसी तरह से बनाया जा रहा है।”
- दूसरे ने कहा, “समोसा राजनीति और नेताओं से ज्यादा महत्वपूर्ण है।”
- किसी ने लिखा, “समोसा भाईचारा, समोसा ब्रदरहुड।”
- एक अन्य ने टिप्पणी की, “मेरा देश बदल रहा है, या पीछे हट रहा है।”
अन्य प्रतिक्रियाओं में “Priorities”, “Absolute cinema”, और “अगर अभी कार्रवाई नहीं की गई तो यही भविष्य होगा” जैसे रिमार्क्स शामिल रहे।
फूलों के गमले भी उठाए गए
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुड़े एक और वीडियो ने भी सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। इस वीडियो में लोग रोडसाइड पर रखे सजावटी फूलों के गमले उठाते दिखाई दिए। यह दृश्य कार्यक्रम के बाद की स्थिति को दर्शाता है और वायरल वीडियो के बहाने चर्चा का विषय बन गया।
लखनऊ कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और आयोजन
पीएम मोदी के लखनऊ दौरे में भारी संख्या में लोग उपस्थित थे। प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी, लेकिन भीड़ में उत्पन्न हुई यह घटनाएं दर्शाती हैं कि बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को नियंत्रित करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।
समोसे की झड़प और फूलों के गमले उठाने के मामले ने ऑनलाइन चर्चा को बढ़ावा दिया और आम जनता के बीच कार्यक्रम के दौरान अनुशासन बनाए रखने की जरूरत को उजागर किया।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती और उनके योगदान को याद करने के लिए आयोजित किया गया था। हालांकि, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं ने यह दिखा दिया कि बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में भीड़ प्रबंधन और नागरिक अनुशासन कितना महत्वपूर्ण है।