स्मृति उपवन में हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव की भव्य सांस्कृतिक संध्या संपन्न

नृत्य - संगीत, सुंदरी प्रतियोगिता और नारी- सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को बनाया यादगार

Vin News Network
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हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव
Highlights
  • लखनऊ में हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव, स्तुति नृत्यम् फ़ाउंडेशन और विश्व मांगल्य सभा द्वारा।
  • नृत्य, संगीत, काव्य पाठ और लोकनृत्य में भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का शानदार प्रदर्शन।
  • प्रतिमा सोनकर ने प्रथम स्थान, माधवी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

लखनऊ गायत्री जन सेवा संस्थान तथा निशु वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वाधान में स्मृति उपवन में आयोजित ‘हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव’ की सांस्कृतिक संध्या में भारतीय संस्कृति और कला का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम का आयोजन स्तुति नृत्यम् फ़ाउंडेशन और विश्व मांगल्य सभा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ की एक्स- मेयर संयुक्ता भाटिया, विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व सूचना आयुक्त किरण बाला चौधरी तथा मुख्य वक्ता के रूप में विश्व मांगल्य की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका शुक्ला रहीं। सदाचार सभा की संयोजिका प्रतिभा बालियान भी मंच पर विशेष रूप से मौजूद रहीं।

कार्यक्रम की जान बनीं स्तुति नृत्यम् की संस्थापिका एवं प्रशिक्षिका गीता सक्सेना जिन्होंने सनातन संस्कृति पर आधारित अनेक सुंदर प्रस्तुतियाँ दीं। राष्ट्र के प्रति समर्पित इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। पूरी संध्या का संचालन प्रतिभा बालियान और नवीन कोहली ने बड़े सहज और प्रभावशाली अंदाज़ में किया। संध्या का विशेष आकर्षण रहा सुंदरी प्रतियोगिता जिसमें प्रतिमा सोनकर ने प्रथम तथा माधवी ने द्वितीय स्थान हासिल किया। पूर्ण भारतीय परंपरा को जीवंत करता रैंप वॉक दर्शकों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था। ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ गीत पर प्रस्तुत भारत–एकता का प्रदर्शन कार्यक्रम की खूबसूरती को और बढ़ा गया। काव्य पाठ में सरोज सोनी प्रथम रहीं, जिन्होंने राम-सीता पर मनोहारी कविता प्रस्तुत की। गायन श्रेणी में रजनी ने अवधी गीत से समापन कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।

इसके अलावा अंकित साहू की शिव स्तुति, आरोही सक्सेना की ‘जगदंबा भवानी’ प्रस्तुति, तथा रश्मि श्रीवास्तव का मधुर गायन दर्शकों की वाहवाही लूटता रहा। लोकनृत्य ‘चौक पुरावो’ ने संध्या में परंपरा की असली चमक बिखेरी। कार्यक्रम का समापन भावपूर्ण बुलव्वा प्रस्तुति से हुआ, जिसमें महिलाओं ने श्रीराम जन्म का बधावा गाकर वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।

गीता सक्सेना के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम नारी सम्मान का एक अनूठा उदाहरण बनकर उभरा। जहाँ आज मिस इंडिया जैसे आधुनिक आयोजनों का चलन है वहीं गीता सक्सेना ने नारी को देवी स्वरूप में सम्मानित करने की नई परंपरा के साथ समाज को एक सशक्त संदेश दिया। यह पहल दर्शकों के बीच अत्यंत सराही गई।

इस अवसर पर पूर्ण प्रचारिका शिवांगी जी सहित विश्व मांगल्य सभा के अवध प्रांत संयोजिका, सह-संयोजी, सचिव और कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसी क्रम में विश्व मांगल्य सभा ने अपने ‘नारी तू नारायणी’ शीर्षक के अंतर्गत पायनियर मॉन्टेसरी की संचालक शर्मिला सिंह को मातृशक्ति सम्मान प्रदान किया। साथ ही संगठन के आदर्शों को समर्थन देने वाले देश के कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों को विश्व मांगल्य मित्र के रूप में सम्मानित किया गया।

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