विन न्यूज़ नेटवर्क। बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। तस्कर पुलिस से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला नवागढ़ी मोहल्ले से सामने आया है, जहां एक मकान में विदेशी शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई थी।
शराब छिपाने के लिए तस्करों ने फ्रिज, पानी की टंकी, किचन और बाथरूम तक को ठिकाना बना लिया था। हालांकि, पुलिस की छापेमारी में उनकी पूरी योजना का पर्दाफाश हो गया।
घर के कोने-कोने से निकली शराब की पेटियां
शनिवार को एएलटीएफ और विष्णुपद थाने की संयुक्त पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर नवागढ़ी मोहल्ले के एक मकान में छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिसकर्मी भी घर का नजारा देखकर हैरान रह गए। मकान के अलग-अलग हिस्सों में शराब की पेटियां छिपाकर रखी गई थीं। फ्रिज के अंदर, पानी की टंकी, किचन और बाथरूम तक की तलाशी ली गई तो वहां से विदेशी शराब बरामद हुई।
पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 438.475 लीटर विदेशी शराब जब्त की है। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शराब की पेटियों को मकान से बाहर निकालकर जब्त किया गया। मामले में मकान मालिक चेतन सिंह समेत तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।
दीपावली पर शराब बेचकर कमाई की थी योजना
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शराब की यह खेप शुक्रवार को ही मकान में लाई गई थी। आरोपियों की योजना दीपावली के दौरान इसे बाजार में खपाकर मोटी कमाई करने की थी। अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब घर में जमा की गई थी, ताकि त्योहार के दौरान मांग बढ़ने पर इसकी बिक्री की जा सके। लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई और समय रहते छापेमारी कर दी गई।
गांजा तस्करी से भी जुड़ा रहा है मुख्य आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार मुख्य आरोपी चेतन सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वह पहले गांजे के अवैध कारोबार से भी जुड़ा रहा है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की खेप कहां से मंगाई गई थी और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी।
शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क की तलाश
सिटी डीएसपी-1 सरोज कुमार साह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर नवागढ़ी मोहल्ले में छापेमारी की गई थी, जहां से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शराब तस्करी के नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अब जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि इस कारोबार के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।