Pariksha Pe Charcha 2026 के दूसरे एपिसोड का आज प्रसारण हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अलग-अलग हिस्सों के छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान छात्रों ने पढ़ाई, करियर, तनाव, टेक्नोलॉजी, पर्यावरण और भविष्य को लेकर कई सवाल पूछे। पीएम मोदी ने कहा कि वह परीक्षा पे चर्चा में बच्चों को सिखाने नहीं, बल्कि उनसे सीखने आते हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि वह कई वर्षों से 10वीं और 12वीं के छात्रों से बातचीत करते आ रहे हैं और यह कार्यक्रम उनके लिए सीखने का अवसर होता है। उन्होंने कहा कि इस बार परीक्षा पे चर्चा पहले से अलग है, क्योंकि उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में जाकर छात्रों से बातचीत की। छात्रों की ऊर्जा और उत्साह ने उन्हें काफी प्रभावित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत तमिलनाडु के कोयंबटूर से हुई, जहां एक छात्रा ने स्टार्टअप शुरू करने को लेकर सवाल किया। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि आप करना क्या चाहते हैं। स्टार्टअप के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्र किसी स्टार्टअप चलाने वाले व्यक्ति से मिलें और प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने की बात रखें, क्योंकि सीखने की प्रक्रिया वहीं से शुरू होती है।
एक अन्य छात्र ने पढ़ाई और पैशन के बीच संतुलन को लेकर चिंता जताई। पीएम मोदी ने कहा कि पढ़ाई और पैशन दोनों जरूरी हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर किसी को आर्ट पसंद है और वह साइंस पढ़ रहा है, तो वह आर्ट के जरिए साइंस को समझ सकता है। इससे पढ़ाई भी आसान होती है और मानसिक थकान भी दूर होती है।
2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर एक छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए पीएम ने कहा कि यह खुशी की बात है कि देश के युवा इस सपने को लेकर जागरूक हैं। उन्होंने सिंगापुर का उदाहरण देते हुए कहा कि विकसित देश बनने के लिए हमें अनुशासन, साफ-सफाई, ट्रैफिक नियमों का पालन और संसाधनों की बचत जैसी आदतें अपनानी होंगी। साथ ही ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर देने की बात कही।
AI और टेक्नोलॉजी पर सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि हर दौर में नई तकनीक को लेकर डर होता है, लेकिन उससे घबराने की जरूरत नहीं है। टेक्नोलॉजी का उपयोग खुद को बेहतर बनाने के लिए करना चाहिए, न कि उसका गुलाम बनने के लिए।
इसके बाद पीएम मोदी छत्तीसगढ़ के रायपुर पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों से परीक्षा के तनाव और रिवीजन को लेकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि जो पढ़ा और सुना गया है, वह दिमाग में कहीं न कहीं सुरक्षित रहता है। नियमित अभ्यास और अच्छी नींद तनाव को कम करती है।
गुजरात के देव मोगरा में आदिवासी छात्रों से बातचीत करते हुए पीएम मोदी ने शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए अलग-अलग योजनाएं चलाई जा रही हैं और शिक्षा ही तेजी से विकास का रास्ता है।
असम के गुवाहाटी में छात्रों से संवाद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि डाइट को दवाई की तरह नहीं लेना चाहिए। संतुलित और सामान्य खान-पान ही ऊर्जा बनाए रखने के लिए पर्याप्त है।