एलन मस्क ने WhatsApp और Signal पर उठाए सवाल, X Chat को बताया सुरक्षित; कम्युनिटी नोट्स ने दावों पर किया फैक्ट-चेक

Vin News Network
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एलन मस्क के WhatsApp पर बयान को X के Community Notes ने फैक्ट-चेक किया।

टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के मालिक एलन मस्क ने मैसेजिंग ऐप WhatsApp और Signal की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए अपने प्लेटफॉर्म के फीचर X Chat को बेहतर विकल्प बताया है। हालांकि, उनके इस दावे को X पर ही Community Notes के जरिए भ्रामक बताया गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta Platforms Inc के खिलाफ एक नया मुकदमा दायर किया गया है।

सोमवार को एलन मस्क ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “WhatsApp सुरक्षित नहीं है। यहां तक कि Signal भी संदिग्ध है। X Chat का इस्तेमाल करें।” मस्क का यह बयान तेजी से चर्चा में आ गया, क्योंकि वह खुद X प्लेटफॉर्म के मालिक हैं और लंबे समय से डिजिटल प्राइवेसी को लेकर मुखर रहे हैं।

हालांकि, मस्क की पोस्ट के बाद X के Community Notes फीचर के तहत एक फैक्ट-चेक जोड़ा गया। इसमें कहा गया कि मस्क का दावा अधूरा और भ्रामक है। नोट के अनुसार, X Chat में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन मौजूद है, लेकिन इसमें ‘फॉरवर्ड सीक्रेसी’ नहीं है। इसका मतलब यह है कि यदि किसी एक एन्क्रिप्शन की से समझौता हो जाए, तो पुराने संदेश भी उजागर हो सकते हैं।

Community Notes में यह भी कहा गया कि X Chat में प्राइवेट कीज़ X के नियंत्रण में रहती हैं और उन्हें केवल चार अंकों के पिन से सुरक्षित किया जाता है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर मेटाडेटा भी एकत्र किया जाता है। इसके विपरीत, नोट में Signal का उदाहरण देते हुए कहा गया कि Signal में फॉरवर्ड सीक्रेसी, डिवाइस-ओनली कीज़ और न्यूनतम मेटाडेटा संग्रह की व्यवस्था है।

मस्क की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब Meta Platforms Inc के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय समूह ने नया मुकदमा दायर किया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि Meta ने WhatsApp की चैट सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर भ्रामक दावे किए हैं।

इस मुकदमे में भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के उपयोगकर्ता शामिल हैं। शिकायत में कहा गया है कि Meta उपयोगकर्ताओं के संचार की सामग्री को स्टोर करती है और कंपनी के कर्मचारी इन संदेशों तक पहुंच सकते हैं, जबकि WhatsApp दावा करता है कि उसके संदेश पूरी तरह निजी हैं।

WhatsApp ने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को अपने प्रमुख फीचर्स में शामिल किया है। कंपनी के अनुसार, यह तकनीक सुनिश्चित करती है कि संदेश केवल भेजने और प्राप्त करने वाले व्यक्ति ही पढ़ सकें, न कि WhatsApp या Meta। कंपनी का कहना है कि एन्क्रिप्टेड चैट डिफॉल्ट रूप से चालू रहती हैं और ऐप के भीतर यह संदेश दिखाया जाता है कि “इस चैट में केवल शामिल लोग ही संदेश पढ़, सुन या साझा कर सकते हैं।”

हालांकि, अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सैन फ्रांसिस्को की यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पिछले सप्ताह दायर इस मुकदमे में वादियों ने Meta के इन दावों को झूठा बताया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि Meta और WhatsApp “लगभग सभी WhatsApp उपयोगकर्ताओं के कथित ‘निजी’ संचार को स्टोर, विश्लेषण और एक्सेस कर सकते हैं।”

मुकदमे में यह भी कहा गया है कि इन कथित गतिविधियों को उजागर करने में कुछ अज्ञात “व्हिसलब्लोअर्स” की भूमिका रही है, हालांकि उनकी पहचान या विस्तृत भूमिका सार्वजनिक नहीं की गई है।

Meta ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कंपनी के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने एक ईमेल में कहा, “यह कहना कि WhatsApp संदेश एन्क्रिप्टेड नहीं हैं, पूरी तरह गलत और हास्यास्पद है। WhatsApp पिछले एक दशक से Signal प्रोटोकॉल के जरिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का उपयोग कर रहा है।”

Meta ने इस मुकदमे को “निराधार” बताया है और कहा है कि वह वादियों के वकीलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेगी।

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