अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने गाजा में स्थायी शांति, स्थिरता और पुनर्निर्माण के उद्देश्य से एक नई अंतरराष्ट्रीय पहल की घोषणा की है। इस पहल के तहत एक उच्चस्तरीय “बोर्ड ऑफ पीस” (Board of Peace) का गठन किया गया है, जिसमें विश्व के प्रमुख राजनीतिक नेताओं, राजनयिकों और उद्योग जगत के दिग्गजों को शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, यह पहल अमेरिका के नेतृत्व में तैयार की गई है और इसे संयुक्त राष्ट्र का समर्थन प्राप्त है। इसका मुख्य उद्देश्य इज़राइल और हमास के बीच पिछले दो वर्षों से जारी संघर्ष के बाद गाजा पट्टी का विसैन्यीकरण, प्रभावी प्रशासन और व्यापक पुनर्निर्माण सुनिश्चित करना है।
तीन-स्तरीय ढांचा: शांति और प्रशासन की नई योजना
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि यह पहल तीन आपस में जुड़े निकायों के माध्यम से कार्य करेगी। पहला और सबसे प्रमुख निकाय मुख्य बोर्ड ऑफ पीस होगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। दूसरा निकाय एक फिलिस्तीनी तकनीकी समिति होगी, जो गाजा में दैनिक प्रशासन और नागरिक सेवाओं का संचालन करेगी। तीसरा निकाय गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड होगा, जो शासन, निवेश और सेवा वितरण में सहयोगी एवं सलाहकार भूमिका निभाएगा।
इस संरचना को गाजा में दीर्घकालिक शांति स्थापित करने की दिशा में एक “साहसिक और दूरदर्शी कदम” बताया जा रहा है।
बोर्ड ऑफ पीस की भूमिका और उद्देश्य
व्हाइट हाउस के अनुसार, बोर्ड ऑफ पीस का मुख्य फोकस गाजा में शासन क्षमता के निर्माण, क्षेत्रीय देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण, निवेश को प्रोत्साहित करने और बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता जुटाने पर होगा। यह बोर्ड यह सुनिश्चित करेगा कि गाजा में प्रशासनिक ढांचा पारदर्शी, प्रभावी और स्थिर हो।
बोर्ड ऑफ पीस के पुष्टि किए गए सदस्य
अमेरिकी प्रशासन ने बोर्ड ऑफ पीस के जिन सदस्यों की आधिकारिक पुष्टि की है, उनमें वैश्विक राजनीति, कूटनीति और वित्त जगत की प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। इस बोर्ड की अध्यक्षता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। अन्य सदस्यों में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष वार्ताकार स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, अमेरिकी अरबपति निवेशक मार्क रोवन, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में ट्रंप के सहयोगी रॉबर्ट गैब्रियल शामिल हैं।
गाजा प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति
गाजा में नागरिक सेवाओं और संस्थानों के संचालन के लिए एक अलग राष्ट्रीय प्रशासनिक समिति का गठन किया गया है। इस समिति का नेतृत्व अली शाअथ करेंगे, जो फिलिस्तीनी प्राधिकरण में उप मंत्री रह चुके हैं। यह समिति शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर सेवाओं और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं की देखरेख करेगी।
गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व
गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड में कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जिससे इस पहल को बहुपक्षीय समर्थन मिल सके। इस बोर्ड में स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुश्नर, टोनी ब्लेयर और मार्क रोवन के अलावा बुल्गारिया के राजनयिक निकोलाय म्लादेनोव, गाजा के लिए संयुक्त राष्ट्र की मानवीय समन्वयक सिग्रिड काग, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान, कतर के राजनयिक अली अल-थावादी, मिस्र के खुफिया प्रमुख जनरल हसन राशद, संयुक्त अरब अमीरात की मंत्री रीम अल-हाशिमी और इज़राइल के अरबपति व्यवसायी याकिर गाबे शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष निमंत्रण
इस पहल को वैश्विक स्तर पर मजबूत समर्थन दिलाने के उद्देश्य से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को यह आमंत्रण देना सम्मान की बात है। गोर के अनुसार, यह बोर्ड गाजा में स्थायी शांति, प्रभावी शासन और समृद्धि लाने की दिशा में कार्य करेगा।
राजनयिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत की भागीदारी इस पहल को नैतिक, कूटनीतिक और विकासात्मक दृष्टि से मजबूती प्रदान कर सकती है, खासकर भारत के शांति अभियानों और विकास सहयोग के अनुभव को देखते हुए।
अन्य वैश्विक नेताओं को भी मिला निमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी के अलावा कई अन्य देशों के नेताओं ने भी पुष्टि की है कि उन्हें इस पहल में शामिल होने का आमंत्रण मिला है। इनमें अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडी रामा, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जावियर माइली, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन, जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी शामिल हैं।
गाजा के भविष्य के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह पहल केवल युद्ध के बाद पुनर्निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य गाजा में एक ऐसा प्रशासनिक और राजनीतिक ढांचा तैयार करना है, जो लंबे समय तक शांति और विकास को सुनिश्चित कर सके। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस योजना को “बोल्ड अप्रोच फॉर लास्टिंग पीस” करार दिया है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल की सफलता क्षेत्रीय राजनीति, स्थानीय समर्थन और सुरक्षा हालात पर निर्भर करेगी। फिर भी, इतने व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ यह प्रयास गाजा के भविष्य को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।