महाराष्ट्र में गुरुवार को राज्य की 29 नगरपालिकाओं में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई, जिनमें ब्रिहन्मुम्बई नगर निगम (BMC) सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित माना जाता है। सुबह 7:30 बजे से शुरू हुए मतदान में मतदाताओं की भारी भागीदारी देखी जा रही है। चुनाव में लगभग 1,03,44,315 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 55,16,707 पुरुष, 48,26,509 महिला और 1,099 अन्य मतदाता शामिल हैं। मुंबई में 227 वार्डों में लगभग 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं।
चुनाव में राजनीतिक गरमाहट इस बार अधिक है। शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी समेत कई नेताओं को वोटर लिस्ट से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ा और उन्हें वैकल्पिक मतदान केंद्रों की ओर निर्देशित किया गया। थैकरेयों के लिए यह चुनाव विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद उनके लिए यह प्रतिष्ठा वापस पाने का अवसर है। वहीं, महायुति गठबंधन और बीजेपी के लिए भी यह स्थानीय निकाय चुनाव उनकी पिछले विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी जीत को बनाए रखने की कसौटी है।
मतदान शुरू होते ही सोशल मीडिया पर ‘अटूट स्याही’ (indelible ink) को मिटाने की खबरें भी सामने आईं। BMC ने स्पष्ट किया कि ऐसी रिपोर्टें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। चुनाव प्रक्रिया के अनुसार, मतदान केंद्र पर ईवीएम पर वोट डालने के समय मतदान कर्मी मतदाता के बाएं हाथ की एक उंगली पर अटूट स्याही लगाते हैं, जो केवल मतदान की पुष्टि के लिए होती है।
BMC चुनाव लगभग तीन साल की देरी के बाद हो रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया दिसंबर 2025 में अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू हुई। राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने 15 दिसंबर, 2025 को घोषणा की थी कि महाराष्ट्र की 29 नगरपालिकाओं के चुनाव एक चरण में 15 जनवरी, 2026 को आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा। वोटों की गिनती अगले दिन, 16 जनवरी, 2026 को होगी।
नामांकन प्रक्रिया 23 दिसंबर, 2025 को शुरू हुई और 30 दिसंबर तक उम्मीदवार अपने नामांकन जमा कर सकते थे। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 2 जनवरी, 2026 थी, जबकि उम्मीदवारों की अंतिम सूची 3 जनवरी, 2026 को प्रकाशित की गई थी।
इतिहास में BMC में शिवसेना का दबदबा रहा है। जब शिवसेना और बीजेपी साथ में चुनाव लड़े थे, तो शिवसेना ने 84 और बीजेपी ने 82 सीटें जीती थीं। लेकिन पार्टी के विभाजन और नई राजनीतिक परिस्थितियों के कारण इस बार मुकाबला अलग स्वरूप का है। थैकरेयों के लिए यह परीक्षण है कि क्या उनके नाम का प्रभाव अभी भी मुंबई और राज्य में उतना ही है, जितना पहले माना जाता था।
इन चुनावों के नतीजे केवल नगरपालिका के भविष्य को नहीं तय करेंगे, बल्कि महाराष्ट्र में राजनीतिक संतुलन और विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी असर डाल सकते हैं। BMC सहित अन्य निगमों में इस मतदान की दिशा अगले 24 घंटे में राजनीतिक परिदृश्य की रूपरेखा तय करेगी।