उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के मतानी मोहल्ले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां 30 वर्षीय युवक ओमशिव अवस्थी ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
ओमशिव ने अपनी मौत से पहले व्हाट्सएप स्टेटस पर एक भावुक संदेश पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने लिखा था:
“मेरा लास्ट वर्ड… अब खुश रहो तुम लोग। जो खुशी मेरे जीते जी तुम्हें नहीं मिली, वो मेरी अनुपस्थिति में जरूर मिले। बाय… अब सहने की हद पार हो चुकी है मेरी। गुड बाय।”
घटना की जानकारी सबसे पहले उसी मकान में रहने वाले एक किराएदार को हुई। सुबह करीब 8 बजे जब वह झाड़ू लगाने नीचे आया, तो उसकी नजर ऊपरी मंजिल के कमरे की खिड़की पर पड़ी, जहां ओमशिव का शव लटकता दिखा। किराएदार ने तुरंत ओमशिव की बहन को फोन किया, जो पास के रेती मोहल्ले में रहती है। बहन ने परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी और मौके पर पहुंचकर पुलिस को बुलाया।
पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। जांच के दौरान ओमशिव की जेब से मोबाइल बरामद हुआ, जिसमें वह स्टेटस दिखा।
परिवार का संदेह और सवाल
ओमशिव के ममेरे भाई अवनीश ने इस मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि किराएदार ने बहन को सुबह 6:34 बजे फोन करके आत्महत्या की सूचना दी थी, लेकिन ओमशिव का व्हाट्सएप स्टेटस 6:51 बजे अपडेट हुआ। यानी मौत की सूचना मिलने के 17 मिनट बाद स्टेटस कैसे अपलोड हो सकता है? उन्होंने इसे संदिग्ध बताते हुए कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या हो सकती है।
अवनीश का यह भी कहना है कि घर में इंटरनेट की कोई दिक्कत नहीं थी, इसलिए स्टेटस में इतनी देरी नहीं होनी चाहिए थी। साथ ही उन्होंने बताया कि ओमशिव ऐसा व्यक्ति नहीं था जो सुसाइड कर ले। उसकी कोई गलत संगत नहीं थी, न ही कर्ज का बोझ था और न ही वह डिप्रेशन में दिखता था।
ओमशिव के बारे में
ओमशिव की शादी करीब एक साल पहले सौम्या से हुई थी, जो थाना आरसी मिशन क्षेत्र की रहने वाली हैं। हाल के दिनों में सौम्या अपने मायके में थीं।
ओमशिव के पास पांच बहनें हैं (चार की शादी हो चुकी है), और उनकी मां मीरा अवस्थी इन दिनों तीर्थयात्रा पर कन्याकुमारी गई हुई हैं।
पहले उन्होंने एक रेस्टोरेंट खोला था, जो एक साल पहले बंद हो गया। उसके बाद वे ट्यूशन पढ़ाने लगे थे। साथ ही उनके पास खेती भी है और आर्थिक स्थिति ठीक बताई जाती है।
पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, लेकिन मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। अब जांचकर्ता मोबाइल स्टेटस, समय और अन्य सबूतों की पड़ताल कर रहे हैं। परिवार की शिकायत पर यह देखना होगा कि मामला वाकई आत्महत्या है या इसमें कोई और साजिश छिपी है।