अमेरिका–Venezuela तनाव के बाद RIL और तेल शेयरों में तेजी, ONGC पर निवेशकों की नजर

Vin News Network
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Venezuela में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद Reliance Industries ने 52-सप्ताह का उच्च स्तर छुआ, जबकि ONGC, Oil India और Indian Oil के शेयर 0.5% से 2% तक बढ़े।

सोमवार को Reliance Industries Limited (RIL) के शेयर में 1% से अधिक की तेजी आई और यह Rs 1,611.20 पर 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं तेल और ऊर्जा सेक्टर के अन्य प्रमुख शेयर, जैसे ONGC, Oil India और Indian Oil Corporation, भी 0.5% से 2% तक बढ़े। इस तेजी का मुख्य कारण Venezuela में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और उसके तेल सेक्टर पर असर को माना जा रहा है।

Hindustan Petroleum ने सबसे अधिक बढ़त दिखाई, और इसका शेयर 1.85% बढ़कर Rs 508.45 पर पहुंचा। इसके अलावा, ONGC 1.16% बढ़कर Rs 246.80, Indian Oil 1.03% बढ़कर Rs 168.79, और Oil India 0.47% बढ़कर Rs 432.45 पर ट्रेड हुआ।

Venezuela में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राजनीतिक तनाव

पिछले सप्ताहांत अमेरिका ने Venezuela में एक बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया, जिसमें राष्ट्रपति Nicolás Maduro और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया। उन पर नार्को-टेररिज्म और ड्रग ट्रैफिकिंग के आरोप हैं।

इस घटनाक्रम के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि अमेरिका देश को तब तक नियंत्रित करेगा जब तक वहां “उचित” सत्ता संक्रमण नहीं हो जाता। इस बयान ने Venezuela के तेल उद्योग और उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के लिए अनिश्चितता बढ़ा दी।

ONGC और Venezuela निवेश पर नजर

ONGC निवेशकों की नजर में बनी हुई है क्योंकि इसकी विदेशी शाखा ONGC Videsh के पास Venezuela के दो तेल प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि US नेतृत्व में Venezuela के तेल उद्योग में पुनर्गठन होता है, तो ONGC के लंबे समय से रुके हुए लाभांश की संभावना बढ़ सकती है।

जैफ्रीज़ ब्रोकरेज ने कहा कि ONGC San Cristobal फील्ड से लगभग $500 मिलियन के अप्राप्त लाभांश वसूल कर सकती है। अमेरिकी हस्तक्षेप और संभावित नियंत्रण बदलाव इस पैसे की वसूली की संभावना को मजबूत कर सकते हैं।

San Cristobal प्रोजेक्ट का उत्पादन तो चल रहा है, लेकिन US प्रतिबंधों के कारण लाभांश विदेश नहीं भेजा जा सका, और ONGC को इसे अपनी बुक में रखकर ट्रैक करना पड़ा।

जैफ्रीज़ ने यह भी कहा कि अगर यह राशि वसूल हो जाती है, तो ONGC की मजबूत कैश जनरेशन और बढ़ जाएगी। FY24 में कंपनी ने Rs 571 बिलियन का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, और फ्री कैश फ्लो Rs 473.6 बिलियन रहा।

Carabobo फील्ड और निवेश की संभावनाएँ

ONGC के Venezuela के दूसरे प्रोजेक्ट, Carabobo फील्ड (Orinoco बेल्ट) में 11% हिस्सेदारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि परिचालन वातावरण अनुकूल रहा, तो यहां की रुकी हुई पूंजी व्यय योजनाएँ फिर से सक्रिय हो सकती हैं।

इसके अलावा, Oil India पर भी निवेशकों की निगाह बनी हुई है। इसकी सहायक कंपनी Oil India Sweden AB के माध्यम से, कंपनी के पास Petrocarabobo S.A. में 7% हिस्सेदारी है।

Reliance और Indian Oil का दृष्टिकोण

Reliance Industries के निवेशकों की निगाह भी Venezuela की आपूर्ति पर बनी हुई है, क्योंकि कंपनी ने पहले वहां से कच्चा तेल खरीदा था। हालांकि, मार्च 2025 में रिपोर्ट आई थी कि US ने Venezuela से तेल खरीदने वाले देशों पर 25% टैरिफ लागू करने के बाद RIL इस आयात को रोक सकता है।

India Ratings and Research ने कहा कि RIL की मजबूत कैश स्थिति, बड़ी नकद भंडार और पूंजी बाजार तक पहुंच कंपनी को वित्तीय लचीलापन देती है। यह उसे नए बिजनेस और आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने में मदद करेगी।

Indian Oil Corporation भी Venezuela में अपने निवेश के कारण ध्यान आकर्षित कर सकती है। इसकी सहायक कंपनी IOC Sweden AB वहां की तेल खोज और उत्पादन परियोजनाओं में निवेश वाहन के रूप में काम करती है।

वैश्विक क्रूड मार्केट और निवेशकों की प्रतिक्रिया

हालांकि, तेल-संबंधित शेयरों में तेजी के बावजूद, वैश्विक क्रूड मूल्य लगभग स्थिर रहे। Brent क्रूड फ्यूचर्स 0.2% बढ़कर $60.87 प्रति बैरल पर ट्रेड हुए। बाजार ने अमेरिकी कार्रवाई और OPEC+ के उत्पादन स्थिर रखने के निर्णय का मूल्यांकन किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि Venezuela के तेल क्षेत्र पर अमेरिका के हस्तक्षेप से लंबी अवधि में भारतीय निवेशकों के लिए संभावनाएँ खुल सकती हैं, खासकर उन कंपनियों के लिए जिनका वहाँ हिस्सा है।

Venezuela में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और तेल उद्योग पर अस्थिरता ने भारत के RIL, ONGC, Oil India और Indian Oil जैसे कंपनियों के शेयरों को मजबूती दी है। ONGC और Oil India के विदेशी निवेशों से अप्राप्त लाभांश की वसूली की संभावना और RIL की वित्तीय मजबूती, निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं।

हालांकि वैश्विक तेल कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं आया, लेकिन राजनीतिक घटनाओं ने निवेशकों की रुचि और शेयरों की गतिविधियों को तेज कर दिया है। आने वाले हफ्तों में Venezuela में नियंत्रण और निवेश संरचना में बदलाव से भारतीय तेल कंपनियों के प्रदर्शन और शेयरों की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

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