आज, 15 दिसंबर 2025 को, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक भारत के शिल्पकार और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 75वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री जी ने लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अविस्मरणीय योगदान को याद किया और कहा कि उनका नाम सुनते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का भाव स्वाभाविक रूप से जागृत हो जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए सरदार पटेल का योगदान सदैव स्मरणीय और प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल ने भारत को एक सूत्र में पिरोने का जो असाधारण कार्य किया, वह विश्व इतिहास में बेमिसाल है। आजादी के बाद जब देश 560 से अधिक रियासतों में बंटा हुआ था, तब सरदार पटेल ने अपने दृढ़ संकल्प, कूटनीति और दूरदर्शिता के बल पर इन रियासतों का भारतीय संघ में विलय सुनिश्चित कराया। अगर लौह पुरुष की दृढ़ता नहीं होती, तो आज भारत का यह अखंड स्वरूप संभव नहीं हो पाता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने केवल भू-भाग को ही नहीं जोड़ा, बल्कि उन्होंने देश की प्रशासनिक संरचना को भी मजबूत किया। अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) को संगठित करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी, जिसके कारण आज भी हमारी प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और हमें हर परिस्थिति में राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए समर्पित रहना चाहिए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के जीवन दर्शन और राष्ट्र के लिए उनके समर्पण से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार भी उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह श्रद्धांजलि, राष्ट्र के प्रति सरदार पटेल के अटूट समर्पण को एक बार फिर याद दिलाती है।