अमेरिका–भारत व्यापार तनाव फिर बढ़ा, ट्रंप ने चावल आयात पर कड़े टैरिफ के संकेत दिए

Vin News Network
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ट्रंप ने भारत से आने वाले चावल पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के संकेत दिए, किसानों की शिकायतों पर जताई चिंता।

अमेरिका द्वारा लगातार भारी-भरकम टैरिफ लगाए जाने से भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंध पहले ही तनाव में हैं। अब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले चावल पर और कड़े शुल्क लगाने की चेतावनी देकर इस विवाद को और गहरा कर दिया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत अमेरिकी बाजार में अपना चावल बड़े पैमाने पर बेच रहा है, जिससे स्थानीय किसानों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि इस स्थिति को रोकने के लिए अतिरिक्त टैरिफ लगाना आवश्यक हो सकता है।

व्हाइट हाउस में किसानों और कृषि क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने यह टिप्पणी की। इस बैठक में अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस भी मौजूद थे। बैठक में ट्रंप ने किसानों को 12 अरब डॉलर की संघीय सहायता देने की घोषणा की। अमेरिकी चावल उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाली मेरिल केनेडी ने कहा कि भारत, थाईलैंड और चीन जैसे देश अत्यंत कम कीमत पर चावल बेचकर अमेरिकी किसानों को प्रतिस्पर्धा में धकेल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले प्यूर्टो रिको अमेरिकी चावल का बड़ा बाजार था, लेकिन अब विदेशी चावल ने अमेरिकी बाजार हिस्सेदारी को काफी हद तक कम कर दिया है।

मेरिल के इस बयान के बाद ट्रंप ने वित्त मंत्री से पूछा कि भारत को अमेरिकी बाजार में चावल बेचने की अनुमति क्यों दी जा रही है और क्या उस पर पर्याप्त शुल्क लगाया जा रहा है। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बताया कि भारत को किसी विशेष छूट का लाभ नहीं मिला है, लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो भारत, थाईलैंड और चीन जैसे देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाकर इस समस्या को “आसानी से हल” किया जा सकता है।

हालांकि, यह मुद्दा न्यायिक विवाद में फंस गया है। अमेरिका की निचली अदालत ने ट्रंप प्रशासन के कई टैरिफ आदेशों को अवैध करार दिया था, जिसके बाद मामला अब सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ट्रंप ने कहा कि टैरिफ नीतियों को लागू रखने के लिए इस कानूनी लड़ाई में जीतना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि टैरिफ की कमी और उत्पादन को विदेशों में स्थानांतरित करने की अनुमति के कारण अमेरिका का आधा ऑटोमोबाइल और चिप निर्माण उद्योग कमजोर पड़ गया है।

भारत वैश्विक चावल बाजार में प्रमुख भूमिका निभाता है। देश में हर साल लगभग 15 करोड़ टन चावल का उत्पादन होता है, जो दुनिया के कुल उत्पादन का लगभग 28% है। साल 2024–25 में वैश्विक चावल निर्यात में भारत का हिस्सा करीब 30% रहा, जिससे वह दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक बना रहा। ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन के अनुसार, भारत ने साल 2024 में अमेरिका को 2.34 लाख टन चावल भेजा। हालांकि यह मात्रा भारत के कुल 52 लाख टन बासमती निर्यात का 5% से भी कम है।

अमेरिका की संभावित टैरिफ नीति पर ट्रंप के नए संकेत से यह साफ है कि आने वाले दिनों में भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों में और तनाव देखने को मिल सकता है।

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