पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में नई बाबरी मस्जिद के निर्माण की शुरुआत रविवार को औपचारिक रूप से कर दी गई। इस मौके पर निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूँ कबीर ने मौलवियों और स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर मस्जिद की नींव रखी और फीता काटकर समारोह का उद्घाटन किया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) को मिले पाँच एकड़ ज़मीन पर यह नई मस्जिद बनाई जा रही है।
समारोह में बड़ी संख्या में लोग पहुँचे और आयोजकों के मुताबिक दो लाख से अधिक लोगों ने ईंटें लेकर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। भीड़ मुर्शिदाबाद के अलावा आसपास के जिलों और झारखंड के सीमावर्ती इलाके से भी आई। सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
हुमायूँ कबीर ने कहा कि नई मस्जिद का निर्माण सिर्फ धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि “एकता, इंसाफ और संवैधानिक मूल्यों” का प्रतीक है। मौलवियों और धार्मिक नेताओं ने भी इसे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ने वाली पहल बताया।
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 के फैसले में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करते हुए मस्जिद के लिए पाँच एकड़ ज़मीन देने का आदेश दिया था। मुर्शिदाबाद में होने वाला यह निर्माण उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। फाउंडेशन का कहना है कि मस्जिद के साथ-साथ परिसर में अस्पताल, संग्रहालय, लाइब्रेरी और सामुदायिक केंद्र भी विकसित किया जाएगा।
स्थानीय राजनीति भी इस समारोह को लेकर सक्रिय हो गई है। विपक्ष ने हुमायूँ कबीर की भागीदारी को “राजनीतिक दिखावा” बताया, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह सामाजिक और धार्मिक है।
नई बाबरी मस्जिद के निर्माण को स्थानीय लोग एक नए अध्याय की शुरुआत मान रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले सालों में यह परिसर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।