अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता सकारात्मक दिशा में नवंबर अंत तक सफलता की संभावना नीति आयोग सीईओ

Vin News Network
Vin News Network
2 Min Read
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में तेजी

नीति आयोग के सीईओ बी.वी.आर. सुब्रमण्यम ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है और महीने के अंत तक सफल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी निवेश दर को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 35-36 प्रतिशत तक बढ़ाना होगा ताकि देश 8-9 प्रतिशत की स्थायी विकास दर बनाए रख सके।

सुब्रमण्यम ने देश की आर्थिक राजधानी में आयोजित एक मीडिया इवेंट में यह भी बताया कि नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन नवंबर तक चालू हो जाएगा। इस मिशन के तहत 15 प्रमुख सेक्टर्स पर केंद्रित वैश्विक स्तर के प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने के लिए 75 सेक्टोरल क्लस्टर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक उज्ज्वल स्थान बनाती है। देश का आकार, बाजार की गहराई, इनोवेशन क्षमता और प्रतिभाशाली कार्यबल अन्य देशों को भारत के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा। सुब्रमण्यम ने विकसित राष्ट्र का दर्जा हासिल करने के लिए निरंतर खुलेपन, नीतियों की स्थिरता और कौशल विकास पर जोर दिया।

सीईओ ने कहा, ‘भले ही अन्य देश टैरिफ लगाएं, भारत को एक विश्वस्तरीय, खुली अर्थव्यवस्था बने रहना चाहिए।’ उन्होंने नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन को पिछले बजट की सबसे बड़ी घोषणा बताते हुए कहा कि विदेशी निवेशक भारत के बाजार और लागत प्रतिस्पर्धात्मकता की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।

सुब्रमण्यम ने व्यापार सुगमता बढ़ाने के लिए नौकरशाही को कम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के सिद्धांत को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने मानव पूंजी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, ‘अगर मेरे पास निवेश करने के लिए सिर्फ एक रुपया होता, तो मैं उसे कौशल विकास और शिक्षा पर लगाता।’ उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय छात्र औसतन छह से सात साल की स्कूली शिक्षा लेते हैं, जबकि दक्षिण कोरिया में यह अवधि 13 से 14 साल है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *