लखनऊ। आंचलिक विज्ञान नगरी में हर साल 16 सितंबर को मनाए जाने वाले ओजोन डे के अवसर पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में इस बार बच्चों की प्रतिभा ने सभी का दिल जीत लिया। इस प्रतियोगिता में मिशन ध्रुव की प्रतिभाशाली छात्रा तनिष्का सैनी ने अपनी कला और सृजनशीलता के दम पर तृतीय स्थान प्राप्त किया और अपनी संस्था का नाम रोशन किया।
प्रतियोगिता में शहर के कई प्रतिष्ठित विद्यालयों ने भाग लिया था। इसमें विभिन्न विषयों पर बच्चों ने अपनी कल्पना और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। तनिष्का की प्रस्तुत कला में वर्तमान पर्यावरण, ओजोन परत की सुरक्षा और भविष्य की दिशा जैसे महत्वपूर्ण संदेश शामिल थे। जजों ने उनकी रचना की विशेष सराहना की और इसे उच्च स्तर की सृजनात्मकता और नवीन दृष्टिकोण वाला बताया।
तनिष्का सैनी की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह वंचित वर्ग के बच्चों में छिपी असीम प्रतिभा का प्रतीक भी है। उनके मेहनती प्रयास और समर्पण ने यह साबित कर दिया कि यदि बच्चों को सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो वे किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं और समाज में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
मुक्ति फाउंडेशन, जो वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा और समग्र विकास के लिए काम कर रही है, ने इस अवसर पर गर्व व्यक्त किया। फाउंडेशन की चेयरपर्सन ने कहा, “तनिष्का की यह सफलता हमें यह याद दिलाती है कि हर बच्चे में अपार क्षमता है। यदि समाज और संस्थान मिलकर बच्चों को सही शिक्षा और अवसर दें, तो कोई भी बच्चा अपनी प्रतिभा से समाज को गौरवान्वित कर सकता है।”
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य बच्चों ने भी अपनी रचनाओं से सभी को प्रभावित किया। जजों ने बच्चों की रचनात्मकता, रंगों का प्रयोग और विषय के प्रति समझ की सराहना की। आयोजकों ने यह भी कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों में पर्यावरण जागरूकता के साथ-साथ सृजनात्मक सोच और समग्र विकास को बढ़ावा देती हैं।
तनिष्का की यह उपलब्धि समाज के लिए भी संदेश है कि शिक्षा और अवसर हर बच्चे का अधिकार हैं, और यदि इन्हें सुनिश्चित किया जाए तो कोई भी बच्चा अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस जीत ने उन्हें न केवल आत्मविश्वास दिया बल्कि उन्हें यह भी सिखाया कि संघर्ष और मेहनत से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।
मुक्ति फाउंडेशन इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को सृजनात्मक मंच, मार्गदर्शन, और अवसर प्रदान करने में लगातार प्रयासरत है। फाउंडेशन का उद्देश्य है कि सभी वंचित बच्चों को शिक्षा, कला और खेल के क्षेत्र में समान अवसर मिलें।
तनिष्का की सफलता की कहानी ने यह साबित किया कि वंचित वर्ग के बच्चे भी किसी से कम नहीं होते, यदि उन्हें सही समर्थन, मार्गदर्शन और प्रेरणा मिलती है। यह सफलता न केवल मिशन ध्रुव के लिए गर्व का विषय है, बल्कि समाज में शिक्षा और समान अवसर की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालती है।
आगामी समय में फाउंडेशन की योजना है कि ऐसे अवसर और प्रतियोगिताएं अधिक से अधिक बच्चों तक पहुँचें ताकि छात्र अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।
इस उपलब्धि को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि हर बच्चा एक सितारा है, बस उसे चमकने का अवसर चाहिए। तनिष्का की कहानी उन सभी बच्चों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपनी प्रतिभा और मेहनत से सफलता प्राप्त करना चाहते हैं।