बिहार की ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए बड़ी सौगात, पीएम मोदी ने शुरू की ‘जीविका निधि’ योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ का उद्घाटन किया।

Vin News Network
Vin News Network
5 Min Read
बिहार की बेटियों को मिला आर्थिक सशक्तिकरण का नया आधार – जीविका निधि
Highlights
  • ग्रामीण महिलाओं को मिली नई उड़ान
  • जीविका निधि बनेगी आत्मनिर्भरता की नींव
  • अब हर बहन बनेगी उद्यमी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार की ग्रामीण महिलाओं के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ का उद्घाटन किया और 105 करोड़ रुपये की राशि इसमें ट्रांसफर की। इस ऐतिहासिक मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा – “बिहार की माताओं, बहनों और बेटियों को अवसरों की कमी न हो, इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जीविका निधि से अब गांव-गांव की बहनों को आसानी से पैसा मिलेगा और उन्हें आर्थिक मदद भी समय पर प्राप्त होगी।”

क्यों खास है जीविका निधि?
जीविका निधि का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सस्ती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराना है। इसके तहत सामुदायिक फेडरेशन से जुड़ी महिलाएँ सदस्य बन सकेंगी। खास बात यह है कि इस योजना के संचालन में केंद्र और राज्य सरकार दोनों योगदान देंगे।

बिहार में स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएँ पहले ऋण के लिए जटिल प्रक्रियाओं से गुजरती थीं, लेकिन अब उन्हें सीधे जीविका निधि से आर्थिक मदद मिलेगी। इससे न केवल उनका व्यवसाय बढ़ेगा, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी।

सीएम नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान
इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा – “आज प्रधानमंत्री मोदी जीविका निधि का शुभारंभ कर रहे हैं। इस कार्य से स्वयं सहायता समूह की जीविका दीदीयों को ऋण राशि प्राप्त करने में सुविधा होगी। राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए 1 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।” नीतीश कुमार ने आगे कहा कि बिहार सरकार लगातार महिलाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के कदम उठा रही है और इस योजना से लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

डिजिटल व्यवस्था से बढ़ेगा भरोसा
पीएम मोदी ने इस योजना की डिजिटल पारदर्शिता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जीविका निधि की पूरी व्यवस्था डिजिटल होने से महिलाओं को बिना किसी बिचौलिये के सीधे लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा – “डिजिटल व्यवस्था से बिहार की माताओं और बहनों का विश्वास और बढ़ेगा। उन्हें अब किसी के सामने झुकना नहीं पड़ेगा।”

महिलाओं की शक्ति ही राष्ट्र की शक्ति
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीण महिलाएँ आत्मनिर्भर होंगी, तो समाज और अर्थव्यवस्था स्वतः मजबूत होगी। पीएम मोदी ने कहा – “आज मंगलवार के दिन एक शुभ काम की शुरुआत हो रही है। यह केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए एक प्रेरणादायक कदम है।”

योजना से होने वाले लाभ

  • सस्ती ब्याज दर पर ऋण – अब महिलाओं को महंगे ब्याज पर कर्ज लेने की मजबूरी नहीं होगी।
  • रोजगार सृजन – महिलाएँ छोटे-छोटे कारोबार शुरू कर सकेंगी।
  • आर्थिक आत्मनिर्भरता – परिवार की आमदनी बढ़ेगी और समाज में उनका आत्मविश्वास मजबूत होगा।
  • पारदर्शिता – डिजिटल प्लेटफॉर्म से भ्रष्टाचार की संभावना खत्म होगी।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार – स्थानीय स्तर पर उत्पादन और खपत बढ़ेगी।

महिलाओं ने जताया आभार
बिहार के कई जिलों की महिलाओं ने इस योजना को लेकर खुशी जाहिर की। बेतिया की रहने वाली रेखा देवी ने कहा – “पहले हमें पैसा जुटाने के लिए साहूकारों के पास जाना पड़ता था। अब हमें आसानी से कर्ज मिलेगा और हम अपना छोटा व्यापार बढ़ा सकेंगे।” दरभंगा की सुनीता कुमारी ने कहा कि इससे उन्हें अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सुनहरा मौका मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहल बिहार की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली साबित होगी। सस्ती ब्याज दर पर कर्ज और डिजिटल पारदर्शिता इस योजना की सबसे बड़ी ताकत है। इससे न केवल ग्रामीण महिलाएँ उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ेंगी, बल्कि पूरे बिहार की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *