नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सीमावर्ती क्षेत्र सभापुर में स्थित एक अवैध केमिकल फैक्ट्री में शनिवार को भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। आग पर काबू पाने के लिए दिल्ली फायर सर्विस की 10 और उत्तर प्रदेश दमकल विभाग की 4 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य में जुट गईं।
घटना की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश की जा रही है।
केमिकल फैक्ट्री में धमाकों के साथ फैली आग
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही पलों में कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। माना जा रहा है कि फैक्ट्री में रखे गए ज्वलनशील रसायनों के कारण धमाके हुए और आग ने विकराल रूप ले लिया। हालांकि आग लगने की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित इस फैक्ट्री के आसपास घनी आबादी है, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
दमकल की टीमें कर रहीं कड़ी मशक्कत
दिल्ली फायर सर्विस की 10 गाड़ियां और उत्तर प्रदेश से बुलाई गई 4 अतिरिक्त दमकल वाहन लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। आग को फैलने से रोकने के लिए आसपास की इमारतों को खाली कराया जा रहा है।
दमकल अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री के भीतर अत्यधिक ज्वलनशील केमिकल रखे गए हैं, जिससे आग बुझाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
अवैध फैक्ट्री पर सवाल
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह फैक्ट्री बिना लाइसेंस के चल रही थी और इसमें सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई थी। यह घटना एक बार फिर राजधानी में चल रही अवैध फैक्ट्रियों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर गंभीर सवाल खड़े करती है फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक टीमें जांच में जुट गई हैं और फैक्ट्री के मालिक की तलाश की जा रही है।
स्थानीय लोग बोले- पहले भी हो चुके हैं हादसे
सभापुर और इसके आसपास के इलाके के लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में आग लगी है। कई बार फैक्ट्रियों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
जांच शुरू, फैक्ट्री सील
दमकल विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाके को पूरी तरह से घेर लिया है। साथ ही फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। प्राथमिक जांच के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट या किसी केमिकल के रिसाव के कारण लगी हो सकती है। अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नुकसान का आकलन जारी है।