लखनऊ : लखनऊ में मोहर्रम से एक दिन पहले अवैध गन फैक्ट्री पकड़ी गई है। इसे मलिहाबाद का हकीम सलाहुद्दीन अपने घर में चला रहा था। पुलिस ने सूचना के आधार पर उसके घर में छापा मारा। हकीम के घर से कई वैरायटी के 14 हथियार, 100 कारतूस मिले हैं। इसके अलावा असलहा बनाने की कई सामग्री जब्त हुई है। घर में हिरन की खाल भी पुलिस को मिली है।
पहले सूत्रों ने बताया था कि सलाहुद्दीन के घर से 20 बोरियों में करीब 50 हजार कारतूस बरामद हुए हैं। 300 अवैध हथियार भी मिले हैं। इनमें राइफल, माउजर और पिस्टल शामिल हैं। कुछ विदेशी हथियार भी बरामद हुए हैं, जिन्हें हकीम अपने शौक के लिए रखता था।
गुरुवार देर शाम मलिहाबाद और रहीमाबाद थाने की फोर्स ने हकीम सलाहुद्दीन उर्फ लाला (68) के घर पर छापा मारा। जहां अवैध हथियारों की फैक्ट्री चलती मिली। उसका घर मलिहाबाद थाने से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर है।
एडीसीपी जितेंद्र दुबे का कहना है- आरोपी सलाहुद्दीन उर्फ लाला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके साथियों का पता लगाया जा रहा है। आसपास के लोगों ने बताया है कि उसके घर से ड्रिल मशीनों की आवाज आती रहती थी। उससे डर लगता था।
पुलिस के मुताबिक, सलाहुद्दीन उर्फ लाला के घर अवैध रूप से कारतूस और हथियार सप्लाई की सूचना मिली थी। इस पर मलिहाबाद, रहीमाबाद और माल थाने की फोर्स ने गुरुवार देर शाम छापा मारा। यहां सलाहुद्दीन अपनी पत्नी और बेटी के साथ मिला। इसके अलावा ओवैस नाम का युवक भी था। जांच-पड़ताल में सामने आया कि सलाहुद्दीन अवैध हथियारों की फैक्ट्री चला रहा था।
मिर्जागंज निवासी सलाहुद्दीन उर्फ लाला की पत्नी टीचर है। उसकी दो बेटियां हैं- एक नॉर्वे में और दूसरी लखनऊ में ही इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रही है। पुलिस ने मलिहाबाद थाने में लाला को हिरासत में रखा है। वहां मीडिया को नहीं जाने दिया गया। मामले में यूपी एटीएस एक्टिव हो गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सलाहुद्दीन काफी दिनों से अवैध हथियारों की पूरे यूपी में सप्लाई कर रहा था। उसका घर थाने के बगल में होने के कारण किसी को शक नहीं हुआ। यहां तक कि पुलिस को भी भनक नहीं लगी।
डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण ने बताया- थाना मलिहाबाद में आयुध अधिनियम और हिरन की खाल मिलने पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपी हकीम सलाहुद्दीन उर्फ लाला पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया।
पड़ोस के महमूद अली ने बताया कि सलाहुद्दीन के पास 2-4 लोग बैठे रहते थे। अलग-अलग समय पर दूसरे-दूसरे लोग आते थे। वे लोग खूंखार दिखते थे। उन्हें देखकर डर लगता था। गली से निकलने में भी डर लगता था कि ये लोग कुछ कर न दें। ये हकीम दवा बनाने-देने के बहाने यहां पर ऐसा धंधा करता होगा, इसका बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था।
दूसरे पड़ोसियों ने बताया कि हकीम के घर से किसी मशीन की आवाज आया करती थी। इसने अपने घर में ही किराए पर कमरे बनवा रखे थे। इन कमरों पर आए दिन कोई ना कोई 15 दिन या 20 दिन तक रुकने के लिए आता रहता था।
3 पिस्तौल, 1 देसी तमंचा (315 बोर), 2 देसी तमंचा (0.22 बोर), 1 राइफल (0.22 बोर), 7 एयरगन, 18 कारतूस (315 बोर), 68 कारतूस (0.22 बोर), 40 खोखा (0.22 बोर), 30 कारतूस (12 बोर), 2 कारतूस (32 बोर), 1 खोखा (32 बोर), 6 बांका, 2 छूरी, 1 आरी, 2000 रुपए नकद और कई असलहा बनाने के कई सामान। अभी पुलिस कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रही है।