लखनऊ। विकसित कृषि संकल्प अभियान’ की तैयारियों में उत्तर प्रदेश ने अपनी कमर कस ली है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 29 मई से 12 जून तक चलाए जाने वाले इस देशव्यापी अभियान को सफल बनाने के लिए यूपी सरकार ने युद्ध स्तर पर काम करने का निर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधान भवन कार्यालय में एक उच्च-स्तरीय बैठक की, जिसमें विभिन्न विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों को इस अभियान को सफल बनाने के लिए संयुक्त रूप से काम करने की योजना बनाई गई है।
बैठक में उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग और पशुपालन विभाग से जुड़े सभी मंत्रालयों के मंत्री और अधिकारियों को इस अभियान को सफल बनाने के लिए निर्दश दिया गया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सभी अधिकारियों को बैठक में इस अभियान को सफल बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम करने का निर्देश दिया। केंद्र की सारी योजनाओं को जिस तरह से योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में लागू किया है, और लोगों को लाभ पहुंचाया है, उसी तरह केंद्र सरकार के इस अभियान को सफल बनाने के लिए कृषि और पशुपालन से जुड़े सभी विभागों को संयुक्त रूप से काम करने की योजना बनाई गई है ताकि किसानों को लाभ मिल सके।
अभियान के मुख्य उद्देश्य
विकसित कृषि संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं से अवगत कराना है। बैठक में जिन प्रमुख विषयों पर काम करने की चर्चा की गई, उनमें शामिल हैं:
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक उर्वरकों और जैविक कीटनाशकों के प्रयोग के लिए प्रशिक्षित करना।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड का उपयोग: किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड में सुझाई गई विभिन्न फसलों के लिए संतुलित खादों के प्रयोग के लिए जागरूक और शिक्षित करना।
जल प्रबंधन: खरीफ फसलों में समुचित जल प्रबंधन के महत्व पर जोर देना।
कृषि ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन: कृषि ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) संस्थानों और इफको के माध्यम से करना।
उन्नत तकनीकों और योजनाओं की जानकारी: उन्नत तकनीकों, नई किस्मों और किसानों के लिए उपयोगी विभिन्न सरकारी योजनाओं और नीतियों के बारे में किसानों को जागरूक करना।
किसान सेवा रथ का उपयोग: किसानों के लिए संचालित समस्त योजनाओं का प्रचार-प्रसार किसान सेवा रथ के माध्यम से और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का व्यापक उपयोग करना।
वैज्ञानिकों के साथ संवाद: वैज्ञानिकों के माध्यम से इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम के साथ खरीफ में मक्का, अरहर, उड़द, तिल और धान और क्षेत्र विशेष के लिए फसलों की उन्नत प्रजातियों, उनके चयन और जलवायु परिवर्तन ‘पैकेज ऑफ प्रैक्टिस’ पर संवाद कार्यक्रम आयोजित करना।
बुवाई की उन्नत पद्धतियों पर प्रशिक्षण: अभियान के दौरान धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) और दलहनी फसलों के लिए उन्नत बुवाई पद्धतियों जैसे ब्रांड एंड फरो रिज एंड फाफरो पर विशेष जानकारी और प्रशिक्षण देना।
इस अभियान के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार “डबल इंजन की सरकार” के प्रभाव को प्रदर्शित करते हुए किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रख रही है।
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