विन न्यूज़ नेटवर्क। पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक छात्रा से कथित रेप के मामले ने रविवार को माहौल गरमा दिया। सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद बड़ी संख्या में छात्र रात में कैंपस में जमा हो गए। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन तेज हो गया और कुछ जगहों पर तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया।
छात्रा के बयान के आधार पर अज्ञात के खिलाफ FIR
मामले में पुलिस ने अब छात्रा के बयान के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान अभी सामने नहीं आई है और जांच के दौरान उपलब्ध सबूतों, बयानों और अन्य जानकारियों को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल दावों की भी जांच की जा रही है, ताकि सामने आई अलग-अलग जानकारियों की वास्तविकता स्पष्ट हो सके।
सुसाइड से जुड़ा वीडियो पुराना बताया
विरोध के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसे कथित तौर पर छात्रा की आत्महत्या से जोड़कर शेयर किया गया। पुलिस ने इस दावे पर सफाई देते हुए कहा कि वायरल वीडियो पुराना है और जिस आत्महत्या की घटना से इसे जोड़ा जा रहा है, वह 11 तारीख की बताई गई है। पुलिस अब वायरल पोस्ट और वीडियो से जुड़े दावों की भी पड़ताल कर रही है।
LPU ने अफवाहों पर जताई आपत्ति
वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को लेकर अपना पक्ष रखा है। LPU के एक्जीक्यूटिव डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. सौरभ लखनपाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर जिस तरह से जानकारी फैल रही है, उससे संस्थान की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे बिना पुष्टि किसी भी पोस्ट या मैसेज को आगे शेयर न करें और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा रखें।
तोड़फोड़ और हाईवे जाम के बाद पुलिस तैनात
विरोध के दौरान कैंपस में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कुछ जगहों पर आग लगाए जाने की खबरें सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। जालंधर-फगवाड़ा हाईवे पर प्रदर्शन के चलते यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस और प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रहे हैं।
राजनीतिक कनेक्शन भी चर्चा में
इस पूरे विवाद के बीच LPU के संस्थापक चांसलर और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल का राजनीतिक जुड़ाव भी चर्चा में आया है। मित्तल हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। हालांकि, मौजूदा पुलिस जांच का केंद्र कथित घटना, वायरल दावों और उससे जुड़े तथ्यों की पड़ताल है। फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।