विन न्यूज़ नेटवर्क। पाकिस्तान में आर्थिक संकट के बीच आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। महंगाई से पहले ही परेशान जनता को अब एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। शहबाज शरीफ सरकार ने मंगलवार को पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल के दाम बढ़ाने का ऐलान किया।
नई दरें 15 सितंबर से लागू हो गई हैं। लगातार हो रही ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों के परिवहन खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ने की आशंका है।
पेट्रोल की कीमत में 4.42 रुपये का इजाफा
नई कीमतों के मुताबिक पाकिस्तान में पेट्रोल 4.42 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। पहले एक लीटर पेट्रोल की कीमत 375.82 रुपये थी, जो अब बढ़कर 380.24 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं हाई स्पीड डीजल की कीमत में 6.10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
डीजल की पुरानी कीमत 403.32 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब 409.42 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। इस तरह पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचे स्तर के आसपास बनी हुई हैं।
इस महीने छठी बार बढ़े ईंधन के दाम
पाकिस्तान में यह इस महीने ईंधन की कीमतों में लगातार छठी बढ़ोतरी बताई जा रही है। तेल की कीमतों में बदलाव का फैसला ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) की समीक्षा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों समेत कई लागत संबंधी कारकों को ध्यान में रखकर किया जाता है।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है। हालांकि, लगातार बढ़ती कीमतों ने पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
अब रोजाना बदल सकती हैं पेट्रोलियम कीमतें
पाकिस्तान सरकार ने जुलाई में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत तय करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया था। 17 जुलाई को घोषित नई प्रणाली के तहत पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में दैनिक आधार पर संशोधन का रास्ता खोला गया।
इससे पहले पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों की समीक्षा आमतौर पर हर 15 दिन में की जाती थी। बाद में इस प्रक्रिया को साप्ताहिक किया गया और अब दैनिक आधार पर कीमतों में बदलाव की व्यवस्था लागू की गई है।
महंगे ईंधन से बढ़ सकती है महंगाई की मार
पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट, महंगाई और बढ़ती गरीबी जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहने की आशंका है।
ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई, सार्वजनिक परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ सकती है। इसका असर फल, सब्जियों, खाद्य पदार्थों और दूसरी जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि पाकिस्तान में बढ़ते फ्यूल रेट को आम जनता की बढ़ती आर्थिक मुश्किलों से जोड़कर देखा जा रहा है।