विन न्यूज़ नेटवर्क। मिर्जापुर का नाम आते ही दिमाग में कालीन भइया, मुन्ना भइया, गुड्डू पंडित, बबलू और बीना भाभी जैसे किरदार घूमने लगते हैं। लेकिन अब इस फेहरिस्त में एक नया नाम तेजी से अपनी जगह बना रहा है- बब्बन बबुआ।
सिनेमाघरों में ‘मिर्जापुर’ का भौकाल छाया हुआ है और फिल्म ने भारत में 100 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली है। इस बीच रवि किशन का निभाया बब्बन यादव का किरदार दर्शकों के बीच खास चर्चा बटोर रहा है।
कालीन भइया से लेकर बब्बन बबुआ तक… भौकाल की पूरी कहानी
‘मिर्जापुर’ की दुनिया में बाहुबल, सत्ता और गद्दी की लड़ाई कोई नई बात नहीं है। कालीन भइया का दबदबा हो या मुन्ना भइया की दबंगई, गुड्डू पंडित का जुनून हो या बबलू की समझदारी—हर किरदार ने दर्शकों पर अपनी अलग छाप छोड़ी है।
सीरीज के इन किरदारों के बीच अब फिल्म में बब्बन बबुआ की एंट्री ने कहानी को नया रंग दे दिया है। बब्बन का किरदार सिर्फ बाहुबली नहीं, बल्कि उसके भीतर एक आशिक भी दिखाई देता है। यही विरोधाभास इस किरदार को बाकी लोगों से अलग बनाता है।
रवि किशन की एंट्री ने लूटी महफिल
बब्बन बबुआ के किरदार में रवि किशन की एंट्री को फिल्म के चर्चित पलों में गिना जा रहा है। उनके बोलने का अंदाज, बॉडी लैंग्वेज और दबंग व्यक्तित्व किरदार के भौकाल को और बढ़ा देता है।
बब्बन की एंट्री के साथ ही ‘मिर्जापुर’ की दुनिया में एक ऐसा किरदार सामने आता है, जो सत्ता के खेल को अपने अंदाज में खेलने का दम रखता है। यही वजह है कि दर्शकों के बीच बब्बन को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है।
बब्बन की नजर मिर्जापुर की गद्दी पर
फिल्म में बब्बन बबुआ की नजर मिर्जापुर की गद्दी पर है। सत्ता हासिल करने की उसकी महत्वाकांक्षा उसे कहानी के अहम किरदारों में शामिल करती है। हालांकि सामने कालीन भइया जैसे पुराने खिलाड़ी हैं, जिनके सामने टिकना किसी नए बाहुबली के लिए आसान नहीं है।
बब्बन का भौकाल इसलिए भी खास है क्योंकि वह सिर्फ ताकत के दम पर आगे बढ़ने वाला किरदार नहीं है। उसके फैसलों में महत्वाकांक्षा के साथ रिश्तों और प्यार का पहलू भी दिखाई देता है।
बब्बन और मुमताज की लव स्टोरी ने खींचा ध्यान
बब्बन बबुआ और मुमताज के बीच दिखाया गया इंटेंस लव भी कहानी का एक अहम हिस्सा है। इस रिश्ते ने बब्बन के किरदार को एक अलग भावनात्मक आयाम दिया है।
दर्शकों को अब तक ‘मिर्जापुर’ में गुड्डू-स्वीटी और दूसरे रिश्तों के जरिए प्यार और हिंसा का अलग मिश्रण देखने को मिला था। लेकिन बब्बन और मुमताज की कहानी ने इस दुनिया में एक नया एंगल जोड़ दिया है।
‘मिर्जापुर’ के पुराने किरदारों पर भारी पड़ा बब्बन?
कालीन भइया का बाहुबल, मुन्ना भइया की सनक और गुड्डू पंडित की दबंगई को दर्शक पहले ही खूब पसंद कर चुके हैं। लेकिन बब्बन बबुआ की एंट्री ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
बब्बन का किरदार बाहुबली होने के साथ-साथ आशिक भी है और यही बात उसे बाकी किरदारों से अलग पहचान देती है। फिल्म में आखिर तक उसका दबदबा कहानी को आगे बढ़ाता है।
एक डायलॉग और पूरा भौकाल
बब्बन बबुआ का एक डायलॉग सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच खूब चर्चा में है-“हम जिस परिवार से आते हैं, वहां जो चाहिए, वो चाहिए।” इस एक लाइन में बब्बन का एटीट्यूड, परिवार की ताकत और उसकी महत्वाकांक्षा तीनों दिखाई देते हैं।
अब सवाल यही है कि ‘मिर्जापुर’ की इस दुनिया में सबसे बड़ा भौकाल आखिर किसका है- कालीन भइया, मुन्ना भइया, गुड्डू पंडित या फिर नए खिलाड़ी बब्बन बबुआ का? इतना जरूर है कि रवि किशन के बब्बन बबुआ ने इस मुकाबले को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है।