विन न्यूज़ नेटवर्क। राजधानी दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित सत्य निकेतन में रविवार को 5 मंजिला इमारत गिरने से हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जिस इमारत के गिरने की सूचना मिली है, उसमें बच्चों और छात्रों के हॉस्टल होने की बात सामने आई है। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। यह इमारत मोतीबाग इलाके में सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास गिरी है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। रेस्क्यू टीमें भारी मलबे को हटाकर उसके नीचे फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में राहत एवं बचाव कर्मियों को तैनात किया गया है। फिलहाल करीब 12 रेस्क्यू टीमें ऑपरेशन में जुटी हैं और अब तक 4 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
दोपहर 1:30 बजे मिली हादसे की सूचना
दिल्ली फायर ब्रिगेड के मुताबिक, उन्हें रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद दोपहर 1:50 बजे स्टेशन ऑफिसर नरेंद्र घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि एक इमारत पूरी तरह गिर गई है और कुछ लोग उसके मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों और अतिरिक्त कर्मचारियों को मौके पर भेजने की मांग की गई।
मलबे में 50 लोगों के दबे होने की आशंका
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मलबे में करीब 50 लोगों के दबे होने की आशंका है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौके पर मौजूद स्थानीय लोग भी बचाव टीमों की मदद कर रहे हैं। रेस्क्यू टीम का पूरा फोकस मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने पर है। हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और किसी की मौत या गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति क्या है, इसकी आधिकारिक जानकारी का अभी इंतजार है।
बगल की इमारत भी कराई गई खाली
सुरक्षा को देखते हुए हादसे वाली इमारत के ठीक बगल में स्थित दूसरी बिल्डिंग को भी खाली करा लिया गया है। प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए आसपास के इलाके पर नजर बनाए हुए है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मलबे को सावधानी से हटाया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों को नुकसान न पहुंचे।
सीएम रेखा गुप्ता ने जताई चिंता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता और दुख जताया है। उन्होंने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
छात्रों को बचाने पर पूरा फोकस
भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने भी हादसे को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जगहों से पढ़ने वाले कई छात्र यहां रह रहे थे और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अंदर कितने छात्र मौजूद थे। उनके मुताबिक, कुछ छात्र अंदर से फोन भी कर रहे हैं, जिससे आशंका है कि अभी और लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं। NDRF और MCD की टीमों द्वारा छात्रों को बाहर निकालने का काम जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी
फिलहाल घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन और तमाम संबंधित एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। हादसे में जनहानि और घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे की वास्तविक तस्वीर साफ हो पाएगी।