विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण मंच कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बिना नाम लिए विकास दुबे एनकाउंटर मामले का जिक्र किया और सरकार पर सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने कहा कि लोगों को याद होगा जब गाड़ी पलटी थी, वह सिर्फ गाड़ी का पलटना नहीं था, बल्कि सरकार पलटने से बच गई थी। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में जब सैटेलाइट तस्वीरों की जांच होगी तो पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी कि घटना कैसे हुई थी।
पहले समाजवादी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया, अब ब्राह्मणों पर हमला
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि पहले समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जाता था, लेकिन अब ब्राह्मण समाज को भी परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को न्याय और सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने अपने भाषण में प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक रवैये को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
PDA को लेकर अखिलेश यादव ने दी नई परिभाषा
कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि PDA में ‘P’ का मतलब पंडित भी है और पीड़ित भी।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग PDA से परेशान हैं, वही इसकी अलग-अलग व्याख्या करने में लगे हैं। उनके मुताबिक, समाज के जिन लोगों को परेशानी और अन्याय का सामना करना पड़ रहा है, वे सभी PDA का हिस्सा हैं।
जनेश्वर मिश्र को किया याद, समाजवादी विचारधारा पर दिया जोर
अखिलेश यादव ने कार्यक्रम में समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र ने जीवनभर समाजवादी विचारधारा को मजबूत किया और समाज के सभी वर्गों को जोड़ने का काम किया।
उन्होंने कहा कि छोटे लोहिया के विचार आज भी समाजवादी आंदोलन के लिए प्रेरणा हैं। अखिलेश ने दावा किया कि पार्टी का सामाजिक न्याय का अभियान लगातार आगे बढ़ता रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर भी साधा निशाना
सपा प्रमुख ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज स्वास्थ्य विभाग को ही इलाज की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर कटाक्ष किया।
उन्होंने कहा कि केवल एक घटना की बात नहीं है, बल्कि समाज में लंबे समय से चली आ रही असमानताओं पर भी चर्चा जरूरी है।
सियासी मायने तलाश रहे राजनीतिक जानकार
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में अलग-अलग सामाजिक समीकरणों को लेकर राजनीतिक दल सक्रिय हैं। ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिशों के बीच सपा प्रमुख का यह संबोधन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि अखिलेश यादव के इन आरोपों पर सत्तारूढ़ दल की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।