विन न्यूज़ नेटवर्क। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने युवाओं से आज़ादी का सही अर्थ समझने और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित एक समारोह में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित होने के बाद उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का मतलब मनमर्जी करना नहीं, बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को निभाना है।
उन्होंने कहा कि भारत इस समय राष्ट्र निर्माण के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और युवाओं को इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुए डोभाल
शनिवार को पुणे में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूत बनाने, आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रदान किया गया।
समारोह में कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और डोभाल के योगदान की सराहना की गई।
‘आज़ादी का मतलब मनमर्जी नहीं होता’
सम्मान समारोह के बाद अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह समझना होगा कि आज़ादी केवल अधिकारों का नाम नहीं है, बल्कि उसके साथ कर्तव्यों की भी जिम्मेदारी जुड़ी होती है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया था। ऐसे में युवाओं को भी अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित के बारे में सोचना चाहिए।
युवाओं से राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की अपील
डोभाल ने युवाओं से कहा कि वे केवल तात्कालिक लाभ के बजाय देश के दीर्घकालिक विकास को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि हर युवा को यह संकल्प लेना चाहिए कि उसके फैसले और प्रयास राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले हों।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास विकास का एक ऐतिहासिक अवसर है और इसे किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के नेतृत्व की सराहना
अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश को ऐसा नेतृत्व मिला है जो राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास दोनों को समान महत्व देता है।
डोभाल ने विश्वास जताया कि मजबूत नेतृत्व और युवाओं की भागीदारी से भारत आने वाले वर्षों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा में अहम भूमिका निभा चुके हैं अजीत डोभाल
81 वर्षीय अजीत डोभाल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान मिजोरम, पंजाब, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा भारत-चीन सीमा वार्ता और वर्ष 2017 के डोकलाम गतिरोध के समाधान में भी उनकी अहम भूमिका रही।
राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीतियों और कूटनीतिक प्रयासों में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया।