ट्विटर (अब X) के पूर्व CEO पराग अग्रवाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। साल 2022 में एलन मस्क द्वारा ट्विटर के अधिग्रहण के बाद उन्हें कंपनी से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद पराग अग्रवाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नई शुरुआत की और Parallel Web Systems नाम से अपनी कंपनी स्थापित की। आज यह स्टार्टअप 2 अरब डॉलर की वैल्यूएशन तक पहुंच चुका है और अब Google Cloud के साथ इसकी रणनीतिक साझेदारी भी हो गई है।
ट्विटर से बाहर होने के बाद शुरू किया नया सफर
आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई करने वाले पराग अग्रवाल ने वर्ष 2011 में ट्विटर में एक इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया था। अपनी तकनीकी क्षमता के दम पर वे लगातार आगे बढ़ते गए और नवंबर 2021 में ट्विटर के CEO बने। हालांकि अक्टूबर 2022 में एलन मस्क ने 44 अरब डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण किया और सबसे पहले पराग अग्रवाल सहित कई शीर्ष अधिकारियों को कंपनी से हटा दिया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर AI तकनीक पर फोकस किया और अपनी नई कंपनी Parallel Web Systems की शुरुआत की।
2 अरब डॉलर की वैल्यूएशन तक पहुंची कंपनी
पराग अग्रवाल की कंपनी तेजी से विकास कर रही है। हाल ही में Sequoia Capital के नेतृत्व में हुए फंडिंग राउंड में कंपनी ने 10 करोड़ डॉलर का निवेश जुटाया, जिसके बाद इसकी वैल्यूएशन बढ़कर लगभग 2 अरब डॉलर हो गई। अब तक कंपनी कुल 23 करोड़ डॉलर की फंडिंग हासिल कर चुकी है। इस निवेश का उपयोग रिसर्च, नई AI तकनीक विकसित करने और बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
Google Cloud के साथ हुई रणनीतिक साझेदारी
पराग अग्रवाल की कंपनी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक Google Cloud के साथ हुई साझेदारी है। इस समझौते के तहत Parallel Web Systems की AI सर्च टेक्नोलॉजी को Gemini Enterprise Agent Platform में शामिल किया जाएगा। इससे कंपनियां AI एजेंट विकसित करते समय Parallel की उन्नत सर्च तकनीक का सीधे उपयोग कर सकेंगी। यह सुविधा Gemini Enterprise API और Google Cloud Marketplace के माध्यम से भी उपलब्ध होगी।
AI सेक्टर में मजबूत पहचान बना रहे हैं पराग अग्रवाल
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी पराग अग्रवाल की कंपनी के लिए बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है। ट्विटर से बाहर होने के बाद उन्होंने जिस तरह AI क्षेत्र में नई शुरुआत की और कुछ ही वर्षों में अपनी कंपनी को अरबों डॉलर की वैल्यूएशन तक पहुंचाया, वह भारतीय टेक उद्यमियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।