विन न्यूज़ नेटवर्क। आयुर्वेद के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए NEET-PA (National Eligibility-cum-Entrance Test – Pre Ayurveda) की अधिसूचना जारी कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास छात्र-छात्राएं प्री-आयुर्वेद कार्यक्रम में प्रवेश लेकर आगे BAMS की पढ़ाई कर सकेंगे।
देशभर के आयुर्वेद गुरुकुलों में मिलेगा प्रवेश
विश्वविद्यालय के अनुसार यह कार्यक्रम राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग से अनुमोदित है। इसे केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न आयुर्वेद गुरुकुलों में संचालित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य संस्कृत शिक्षा और आयुर्वेद को एकीकृत करते हुए पारंपरिक भारतीय ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
NEP और भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने बताया कि पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भारतीय ज्ञान परंपरा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उनके अनुसार संस्कृत का अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए आयुर्वेद के मूल ग्रंथों, संहिताओं और शास्त्रीय अवधारणाओं को समझना अपेक्षाकृत आसान होता है। गुरुकुल आधारित शिक्षण पद्धति आयुर्वेद की पारंपरिक प्रामाणिकता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक हो सकती है।
कब शुरू होंगे आवेदन?
| ऑनलाइन आवेदन शुरू | जुलाई का तीसरा सप्ताह |
|---|---|
| प्रवेश परीक्षा | अगस्त अंत / सितंबर प्रारंभ |
| परीक्षा मोड | ऑफलाइन (OMR) |
परीक्षा देशभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
साढ़े सात साल का समेकित कार्यक्रम
यह कोर्स कुल 7.5 वर्ष का होगा। इसकी संरचना इस प्रकार है:
प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम, प्रारंभिक अध्ययन- 2 वर्ष
BAMS पाठ्यक्रम, मुख्य आयुर्वेद अध्ययन- 4.5 वर्ष
अनिवार्य इंटर्नशिप, व्यावहारिक प्रशिक्षण- 1 वर्ष
कुल अवधि, पूरा शैक्षणिक कार्यक्रम- 7.5 वर्ष
इंटर्नशिप पूरी करने के बाद विद्यार्थी आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में व्यावसायिक रूप से आगे बढ़ सकेंगे।
योग्यता और अंक
| श्रेणी | न्यूनतम अंक |
|---|---|
| सामान्य वर्ग | 50% |
| आरक्षित वर्ग | 40% |
आवेदक का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
आयु सीमा
31 दिसंबर तक अभ्यर्थी की:
- न्यूनतम आयु: 15 वर्ष
- अधिकतम आयु: 25 वर्ष
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि आयु सीमा में किसी भी श्रेणी को छूट नहीं दी जाएगी।
कैसा होगा परीक्षा पैटर्न?
NEET-PA 2026 परीक्षा पैटर्न- ऑफलाइन परीक्षा
बहुविकल्पीय प्रश्न-120
कुल समय- 150 मिनट
प्रत्येक प्रश्न- 1 अंक
नेगेटिव मार्किंग- कोई नहीं
OMR शीट- परीक्षा मोड
उपलब्ध भाषाएं- संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी
बहुभाषी प्रश्नपत्र उपलब्ध होने से विभिन्न शैक्षिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को परीक्षा देने में सुविधा मिलेगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
अब तक आयुर्वेद में प्रवेश के लिए अधिकांश विद्यार्थियों को 12वीं के बाद मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं का इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत 10वीं के बाद ही आयुर्वेद शिक्षा की दिशा में शुरुआती कदम उठाया जा सकेगा। इससे ग्रामीण और पारंपरिक शिक्षा पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को भी नया अवसर मिलेगा।