विन न्यूज़ नेटवर्क। जयपुर में मां की हत्या के आरोप में गिरफ्तार एलएलबी छात्रा आयुषी का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। अब तक जांच का केंद्र उसकी मां नीरज शर्मा की हत्या थी, लेकिन अब उसके पिता विजय शर्मा की मौत को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। परिवार के एक सदस्य ने आरोप लगाया है कि अप्रैल 2025 में हुई विजय शर्मा की मौत सामान्य नहीं थी और इसकी दोबारा जांच होनी चाहिए। यह आरोप आयुषी के मामा राकेश शर्मा ने लगाया है। उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर दावा किया है कि उनके बहनोई की मौत के पीछे भी साजिश हो सकती है।
मामा ने क्या लगाए आरोप?
राकेश शर्मा के अनुसार विजय शर्मा को कुछ महीने पहले ब्रेन स्ट्रोक हुआ था। इसके बाद आयुषी और उसका चचेरा भाई बलराम उन्हें अस्पताल लेकर गए। मामा का कहना है कि इलाज के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों को सही जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब विजय शर्मा घर लौटे तो उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई। डॉक्टरों ने बताया कि उनके कई अंग प्रभावित हो चुके थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इसी दौरान आयुषी ने कथित तौर पर उनकी फीडिंग ट्यूब निकाल दी, जिसके बाद उनकी हालत और बिगड़ गई तथा बाद में उनकी मौत हो गई।
पुलिस करेगी जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह आरोप शिकायत के रूप में सामने आए हैं। शिकायत में लगाए गए तथ्यों की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मेडिकल रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की जाएगी।
मां की हत्या के मामले में पहले से गिरफ्तार आयुषी से अब इस नए आरोप को लेकर भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
मां की हत्या का मामला पहले से चर्चा में
आयुषी पहले ही अपनी मां नीरज शर्मा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार है। पुलिस जांच में सामने आया था कि उसने अपने चचेरे भाई बलराम की मदद से कथित तौर पर सुपारी किलर तय किए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार योजना मां की हत्या कर उसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की थी।
पुलिस को शुरुआती पूछताछ में यह भी जानकारी मिली थी कि आयुषी सरकारी नौकरी पाने और पारिवारिक संपत्ति पर अधिकार हासिल करने के उद्देश्य से यह साजिश रच सकती थी। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
अब दो मौतें जांच के दायरे में
मां की हत्या की जांच पहले से चल रही थी, लेकिन अब पिता की मौत को लेकर उठे सवालों ने मामले को और जटिल बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अप्रैल 2025 में विजय शर्मा की मौत वास्तव में बीमारी के कारण हुई थी या फिर शिकायत में लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई है।
यदि जांच में कोई संदिग्ध तथ्य सामने आते हैं तो केस का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल पुलिस ने कहा है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
परिवार में गहराया विवाद
परिवार के भीतर उठे इन आरोपों ने रिश्तों को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर आयुषी अपनी मां की हत्या के मामले में आरोपी है, वहीं दूसरी ओर अब उसके पिता की मौत को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में मेडिकल या अन्य तकनीकी साक्ष्य मिलते हैं तो मामला हत्या की अलग धारा में दर्ज हो सकता है। हालांकि अभी तक पुलिस ने केवल जांच की बात कही है और किसी नई एफआईआर की पुष्टि नहीं की है।
जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पूरा मामला जांच के शुरुआती चरण में है। पुलिस मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पताल में हुए उपचार, परिवार के सदस्यों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विजय शर्मा की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी या फिर शिकायत में लगाए गए आरोपों में कोई दम है। जयपुर का यह मामला अब केवल एक हत्या तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि दो अलग-अलग मौतों की जांच का विषय बन चुका है।