विन न्यूज़ नेटवर्क। पहाड़ों पर लगातार भारी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल सुरकंडा देवी कद्दूखाल से डरावनी तस्वीर सामने आई, जहां कुछ ही सेकंड में एक मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया, जबकि पास स्थित होटल का एक हिस्सा भी ढह गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय इमारतों में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
10-15 सेकंड में ढह गई पूरी इमारत
घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भारी बारिश के कारण कमजोर हुई पहाड़ी अचानक खिसकने लगी और देखते ही देखते मकान मलबे में तब्दील हो गया। करीब 10 से 15 सेकंड के भीतर पूरी संरचना धराशायी हो गई। इसी दौरान पास बने होटल का एक हिस्सा भी भूस्खलन की चपेट में आकर ढह गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले कई दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी, जिसके कारण जमीन में दरारें पड़ने लगी थीं। प्रशासन को खतरे की आशंका पहले ही हो गई थी और एहतियात के तौर पर भवनों को खाली करा लिया गया था। यही वजह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।

लगातार बारिश से कमजोर हो रही पहाड़ी जमीन
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में इस समय मानसूनी बारिश का असर चरम पर है। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ों की मिट्टी और चट्टानें कमजोर पड़ती जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पानी के अत्यधिक दबाव के कारण ढलानों की पकड़ कमजोर हो जाती है, जिससे भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ती हैं। सुरकंडा देवी कद्दूखाल क्षेत्र भी संवेदनशील इलाकों में शामिल है। यह स्थान धार्मिक यात्रियों और पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है, इसलिए यहां होने वाली किसी भी प्राकृतिक घटना का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ सकता है।
प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आंकलन
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। साथ ही आसपास मौजूद अन्य इमारतों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वे भी खतरे की जद में तो नहीं हैं। प्रशासन ने उन भवनों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिन पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों और यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और ऐसे स्थानों पर न रुकें जहां भूस्खलन की आशंका हो।
प्रशासन की प्रमुख अपील
- मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
- भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रुकने से बचें।
- रात के समय पहाड़ी मार्गों पर यात्रा न करें।
- आपात स्थिति में प्रशासन और आपदा प्रबंधन से तुरंत संपर्क करें।
पूरे पहाड़ी क्षेत्र में अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। सड़क निर्माण, होटल और ढलानों के पास बने भवनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में भूस्खलन की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। इसलिए स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
सुरकंडा देवी मंदिर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। भूस्खलन की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों में चिंता बढ़ गई है। कई पर्यटकों ने मौसम सामान्य होने तक यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं। उनका मानना है कि लगातार बारिश के साथ-साथ पहाड़ी ढलानों पर बढ़ता निर्माण कार्य भी जोखिम को बढ़ा रहा है।
फिलहाल जनहानि नहीं, लेकिन खतरा बरकरार
टिहरी के सुरकंडा देवी कद्दूखाल में हुआ यह भूस्खलन उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते प्राकृतिक खतरे की गंभीर चेतावनी है। प्रशासन की सतर्कता के कारण इस बार कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन लगातार बारिश के चलते स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियों और प्रशासनिक तैयारियों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। फिलहाल प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और केवल अत्यावश्यक स्थिति में ही पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने की अपील कर रहा है।