प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में लोकप्रिय वेब सीरीज ‘पंचायत’ के चर्चित डायलॉग “सुन रहे हो न, विनोद” का जिक्र कर माहौल को हल्का-फुल्का और उत्साहपूर्ण बना दिया। जैसे ही पीएम मोदी ने मंच से यह संवाद कहा, पूरा पंडाल तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। यह पल कार्यक्रम का सबसे चर्चित क्षण बन गया।
‘सुन रहे हो न, विनोद’ बोलकर छा गए पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उद्योग जगत और देश के विकास को लेकर अपनी सरकार के विजन पर बात की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वह कभी भी छोटे लक्ष्य तय नहीं करते और हमेशा बड़े सपनों के साथ आगे बढ़ते हैं।
‘मैं छोटे लक्ष्य नहीं रखता’
कार्यक्रम में सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के चेयरमैन वेल्लायन सुबैया ने गुजराती की प्रसिद्ध कहावत “निशान चूक माफ, पण नहीं माफ नीचू निशान” का उल्लेख किया। इसका अर्थ है कि ऊंचे लक्ष्य तक न पहुंच पाना स्वीकार्य हो सकता है, लेकिन छोटा लक्ष्य तय करना नहीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सोच हमेशा बड़े लक्ष्य हासिल करने की रही है। उन्होंने कहा, “मैं कभी छोटे लक्ष्य नहीं रखता। अगर मुझे कोई प्रतिमा बनानी हो, तो मैं उसे दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाऊंगा।” उनका यह बयान स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के संदर्भ में था।
‘काम बोलता है… सुन रहे हो न, विनोद’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आगे कहा कि सुबैया जी ने “काम बोले छे” भी कहा था। इसके बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “सुन रहे हो न, विनोद… काम बोलता है।” उनके इतना कहते ही कार्यक्रम स्थल तालियों और हंसी से गूंज उठा। मंच पर मौजूद अतिथि भी अपनी मुस्कान नहीं रोक सके।
सेमीकंडक्टर मिशन पर भी दिया बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर भारत में स्वदेशी सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि देश को तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सेमीकंडक्टर निर्माण पर तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह पल
“सुन रहे हो न, विनोद” और “देख रहे हो न, विनोद” जैसे संवाद सोशल मीडिया पर लंबे समय से लोकप्रिय मीम बने हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सार्वजनिक मंच से इस संवाद का इस्तेमाल किए जाने के बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।