उत्तर प्रदेश के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव ने राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। रोहित ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में 83.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया। उनका यह बेहतरीन प्रयास तीसरे थ्रो में आया, जिसने उन्हें प्रतियोगिता का विजेता बना दिया।
रोहित यादव का यह प्रदर्शन केवल राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे अगले महीने टोक्यो में होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेने की उनकी उम्मीद भी मजबूत हो गई है। वह विश्व रैंकिंग कोटा के जरिए इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई कर सकते हैं।
इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के ही सचिन यादव ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 83.20 मीटर का थ्रो कर रजत पदक अपने नाम किया। वहीं महाराष्ट्र के शिवम लोहाकरे ने 80.20 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। राजस्थान के यशवीर सिंह 76.22 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहे और वे भी विश्व रैंकिंग कोटा के जरिए विश्व चैंपियनशिप में जगह बनाने की दौड़ में बने हुए हैं।
विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालिफिकेशन की अंतिम तिथि रविवार तक निर्धारित है। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में कुल 36 एथलीटों को प्रवेश मिलेगा। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और मौजूदा विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा पहले ही वाइल्ड कार्ड के जरिए विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। यदि रोहित यादव को भी विश्व रैंकिंग के आधार पर मौका मिलता है, तो इस स्पर्धा में भारत के चार एथलीट हिस्सा लेते नजर आ सकते हैं।
राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 2023 विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले किशोर जेना और डीपी मनु क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहे। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) की चयन समिति 28 अगस्त को विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर सकती है।
उधर, लंबी कूद के स्टार खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने भी स्वर्ण पदक जीतकर अपनी दावेदारी मजबूत की। हालांकि उन्हें सीधे क्वालिफाई करने के लिए 8.27 मीटर का मानक पार करना था, लेकिन उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 8.06 मीटर ही रहा। अब उन्हें विश्व रैंकिंग सूची जारी होने तक इंतजार करना होगा। यदि उनकी रैंकिंग पर्याप्त रही तो वह भी विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने आगामी विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप को लेकर उम्मीदें बढ़ा दी हैं। खासकर रोहित यादव और सचिन यादव का प्रदर्शन भारतीय भाला फेंक के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।