लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। एक बहुमंजिला इमारत में लगी भयावह आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में बताया गया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

पीएम मोदी ने कहा- दुखद है यह घटना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आग लगने की घटना में लोगों की मौत अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
घटना स्थल पर भावुक हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
हादसे के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। मीडिया से बातचीत के दौरान वे भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं अपनी आंखों से 14 शव देखे हैं। इस भयावह दृश्य ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे प्रदेश के लिए बेहद दुखद और पीड़ादायक है।
बचाव अभियान में जुटीं कई टीमें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद इमारत में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कुछ लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई। हालांकि प्रशासन की ओर से किसी व्यक्ति के फंसे होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। आग पर काबू पाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर तैनात रहीं।
दीवार तोड़कर निकाले गए छात्र
पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक घटना स्थल पर आठ दमकल गाड़ियों को भेजा गया था। आग की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड कर्मियों ने इमारत की दीवार तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। इस दौरान 20 से अधिक छात्रों को सुरक्षित बचाया गया। राहत एवं बचाव अभियान कई घंटों तक चलता रहा।
सीएम योगी ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भगवान श्रीराम से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की।
पूरे प्रदेश में शोक की लहर
लखनऊ में हुए इस भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश में शोक की लहर पैदा कर दी है। हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने से स्थानीय लोगों में भी गहरा दुख है। प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है और घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।