होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप का बड़ा ऐलान, 60 दिनों तक जहाजों से नहीं वसूला जाएगा टोल

Vin News Network
Vin News Network
5 Min Read
होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 60 दिनों तक नहीं लगेगा टोल

मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती चिंताओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की है। ट्रंप ने कहा है कि 60 दिनों के युद्धविराम के दौरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का टोल या शुल्क नहीं लगाया जाएगा। हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि यदि व्यापक शांति समझौता सफल नहीं होता है, तो भविष्य में अमेरिका इस मार्ग के उपयोग पर शुल्क लगाने पर विचार कर सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जारी संदेश में कहा कि युद्धविराम की पूरी अवधि के दौरान जहाजों की आवाजाही सामान्य रहेगी और किसी जहाज से टोल नहीं लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 60 दिन पूरे होने के बाद भी तत्काल कोई शुल्क लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन अमेरिका क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में अपनी भूमिका के बदले भविष्य में टोल वसूलने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का दावा कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस परिवहन मार्गों में शामिल इस समुद्री रास्ते पर किसी भी तरह की बाधा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है।

वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हाल ही में 60 दिनों के युद्धविराम पर सहमति बनी थी। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच यह अंतरिम समझौता संभव हुआ था। इसका उद्देश्य कई महीनों से जारी तनाव और संघर्ष को कम करना था। हालांकि युद्धविराम लागू होने के कुछ ही दिनों बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद घोषित कर नया विवाद खड़ा कर दिया।

आईआरजीसी ने सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इस जलमार्ग में प्रवेश करने वाले जहाज अपने जोखिम पर ऐसा करेंगे। संगठन का आरोप है कि लेबनान में जारी घटनाक्रम और युद्धविराम समझौते को लागू कराने में अमेरिका अपनी जिम्मेदारियां निभाने में विफल रहा है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।

ईरान की घोषणा के बाद वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ने लगी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है। यही कारण है कि इस मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है।

इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि हाल के दिनों में दर्जनों व्यापारिक जहाज सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजरे हैं। अमेरिकी सेना के अनुसार, शनिवार को 55 से अधिक व्यापारिक जहाजों ने इस जलमार्ग का उपयोग किया, जिनमें करोड़ों बैरल तेल और अन्य आवश्यक वस्तुएं ले जाई गईं। सेना ने कहा कि वह समुद्री व्यापार की सुरक्षा और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

वहीं ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व से जुड़े अधिकारियों ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते की शर्तों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कहा कि समझौते में क्षेत्रीय स्तर पर संघर्ष रोकने की बात शामिल थी, लेकिन लेबनान में जारी घटनाओं से यह स्पष्ट है कि समझौते को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया।

मोखबर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक समझौते की सभी शर्तों को जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया जाता, तब तक मध्य पूर्व से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच फिर से तनाव बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी यह तनाव आने वाले दिनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय देशों के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *