नीट यूजी परीक्षा से पहले भारत में टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की गई है, जिस पर बुधवार को तत्काल सुनवाई होने की संभावना है। मामला न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के समक्ष सुना जाएगा।
केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा को देखते हुए टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगाई है। सरकार का कहना है कि यह कदम परीक्षा से जुड़े फ्रॉड और पेपर लीक जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह के अनुसार, टेलीग्राम का कुछ लोगों द्वारा गलत इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे नकली प्रश्नपत्र और भ्रामक जानकारी फैल रही थी।
एनटीए का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह फैसला जरूरी था, क्योंकि कुछ मामलों में एडिटेड मैसेज और पुराने डेटा को गलत तरीके से लीक के सबूत के रूप में दिखाया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद गूगल और एप्पल ने भी सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए टेलीग्राम को अपने ऐप स्टोर से हटा दिया है। इससे भारत में करीब 15 करोड़ यूजर्स प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
टेलीग्राम के फाउंडर और सीईओ पावेल डुरोव ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत में कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म पर रोक लगाई गई है, जिससे बड़ी संख्या में यूजर्स प्रभावित हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दिनों में परीक्षा से जुड़े लीक कंटेंट और स्कैम फैलाने वाले कई चैनलों को हटाया गया है।
फिलहाल सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध हटने के बाद भी 30 जून तक टेलीग्राम पर मैसेज एडिटिंग फीचर बंद रहेगा, ताकि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या गलत सूचना फैलाने पर रोक लगाई जा सके।