उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने भरोसे और रिश्तों की नींव को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। शहीद सैनिक के परिवार के घर में हुई कथित लूट की वारदात का जब पुलिस ने खुलासा किया तो सामने आई सच्चाई ने सभी को हैरान कर दिया। जिस घर में देश के लिए शहादत देने वाले जवान की यादें संजोई गई थीं, उसी घर में रहने वाले किराएदारों ने लाखों रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया।
मामला अमरोहा के देहात थाना क्षेत्र स्थित सुबोध नगर का है। यहां शहीद फौजी सुधीश कुमार की पत्नी कविता के घर से सोने-चांदी के कीमती आभूषण और 91 हजार रुपये नकद गायब होने की सूचना मिली थी। घटना के बाद घर का सामान बिखरा हुआ मिला, जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला किसी संगठित गिरोह द्वारा की गई लूट जैसा प्रतीत हो रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
हालांकि शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से कुछ ऐसे संकेत मिले, जिन्होंने पूरी कहानी पर संदेह पैदा कर दिया। पुलिस ने जब गहराई से पड़ताल शुरू की और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की, तो मामला पूरी तरह पलट गया।
जांच में सामने आया कि मकान में किराए पर रहने वाली दुर्गा और उसका पति रोहताश आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे। इसी वजह से दोनों ने अपने ही मकान मालिक के घर को निशाना बनाने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, जब मकान मालकिन कविता अपने गांव गई हुई थीं, तब आरोपियों ने घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी कर ली।
चोरी के बाद आरोपियों ने खुद को बचाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए एक नई कहानी गढ़ी। घर के कमरों का सामान बिखेर दिया गया ताकि ऐसा लगे कि किसी बाहरी गिरोह ने घर में घुसकर लूटपाट की है। इस तरह पूरी घटना को लूट का रूप देने की कोशिश की गई। लेकिन पुलिस की जांच और लगातार पूछताछ के दबाव में आरोपियों की साजिश ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी।
पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि चोरी किया गया सामान दुर्गा ने अपनी परिचित कांता कश्यप के पास छिपाकर रखा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से करीब 20 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी बरामद कर ली।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कई बार अपराधी बाहर नहीं, बल्कि वही लोग निकलते हैं जिन पर सबसे ज्यादा भरोसा किया जाता है।