केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। इससे पहले 7 मार्च को भी 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इस तरह कुल मिलाकर अब तक सिलेंडर के दामों में 89 रुपये की वृद्धि हो चुकी है।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को राहत
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ जारी रहेगा। सरकार के अनुसार, इन उपभोक्ताओं को साल में चार बार 300 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है, जिसके बाद उन्हें सिलेंडर लगभग 642 रुपये में उपलब्ध होगा। हालांकि पहले सरकार ने साल में 9 सिलेंडर तक सब्सिडी देने की घोषणा की थी, जो अब घटकर चार बार कर दी गई है।
सरकार का तर्क: वैश्विक बाजार में बढ़ी कीमतें
सरकार ने इस बढ़ोतरी का बचाव करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में तेज उछाल आया है। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के कारण वैश्विक बेंचमार्क ‘सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस’ फरवरी के बाद लगभग 46 प्रतिशत बढ़ गया है।
इसके चलते घरेलू एलपीजी की वास्तविक आपूर्ति लागत 1,600 रुपये प्रति सिलेंडर से भी अधिक हो चुकी है, जबकि उपभोक्ताओं से केवल 942 रुपये ही लिए जा रहे हैं।
तेल कंपनियों को भारी नुकसान
केंद्र सरकार के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को घरेलू एलपीजी बिक्री पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पहले प्रति सिलेंडर करीब 703 रुपये का नुकसान हो रहा था। पिछले वित्त वर्ष में कुल मिलाकर यह नुकसान बढ़कर लगभग 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो एक साल पहले 41,338 करोड़ रुपये था।
इस नुकसान की आंशिक भरपाई के लिए सरकार ने पेट्रोलियम कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति देने को मंजूरी दी है।
भारत में LPG कीमतें अन्य देशों से कम होने का दावा
सरकार ने यह भी दावा किया है कि भारत में घरेलू एलपीजी की कीमतें पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के साथ-साथ अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों की तुलना में अभी भी कम हैं।
सरकार के मुताबिक, संकट के दौरान देश में एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई है और अमेरिका, कनाडा व अल्जीरिया जैसे देशों से अतिरिक्त आयात की व्यवस्था भी की गई है।
नतीजा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कीमतों में यह संशोधन वैश्विक बाजार के प्रभाव को संतुलित करने, तेल कंपनियों के वित्तीय नुकसान को कम करने और देश में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।