NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में अब तक देश के अलग-अलग शहरों से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, लातूर और आहिल्यांगर समेत कई स्थानों पर छापेमारी कर अहम सबूत जुटाए गए हैं। जांच के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और कई संदिग्ध रिकॉर्ड भी बरामद किए गए हैं, जिनकी विस्तार से जांच की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि परीक्षा के फिजिक्स विषय से जुड़े कुछ प्रश्न पहले ही लीक कर दिए गए थे। इस मामले में सीबीआई ने पुणे से मनीषा संजय हवलदार नाम की महिला को गिरफ्तार किया है, जो एक स्कूल में कार्यरत थी और NEET परीक्षा प्रक्रिया से विशेषज्ञ के रूप में जुड़ी हुई थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि उसे फिजिक्स के प्रश्नों तक पहुंच प्राप्त थी और उसी माध्यम से कुछ सवाल बाहर पहुंचाए गए।
सीबीआई की जांच में यह भी पता चला कि लीक किए गए कई सवाल वास्तविक परीक्षा पत्र से मेल खाते थे। इससे पहले इसी मामले में एक अन्य महिला आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया था। दोनों के बीच संपर्क और प्रश्न साझा करने की जानकारी सामने आने के बाद एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी।
पेपर लीक विवाद बढ़ने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया था। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इस पूरे मामले ने देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस रैकेट में कई बिचौलियों की भूमिका भी सामने आई है। ये लोग छात्रों से मोटी रकम लेकर उन्हें कथित तौर पर विशेष कोचिंग और लीक प्रश्न उपलब्ध कराने का दावा करते थे। सीबीआई की विशेष टीमें लगातार इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।