लखनऊ में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नेग मांगने के बहाने घरों और सड़कों पर महिलाओं को निशाना बनाकर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। लखनऊ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह खुद को किन्नर बताकर पहले घर-घर जाकर शादी या खुशी के मौके पर नेग मांगने का बहाना बनाता था और फिर मौका मिलते ही लूटपाट की वारदात को अंजाम देता था। हाल ही में 4 मई को बिजनौर इलाके में सुबह की सैर पर निकली दो महिलाओं से मंगलसूत्र और कान की बालियां छीनने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। करीब 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालने के बाद आरोपियों की पहचान की गई।
इसके बाद 5 मई को अलीनगर खुर्द अंडरपास के पास से तीन आरोपियों—अजय रावत उर्फ रानी, आकाश गुप्ता उर्फ कम्मो और रफीक अहमद—को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से लूटी गई ज्वैलरी (आभूषण) और घटना में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद की गई है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह चारबाग, आलमबाग और हुसैनगंज जैसे इलाकों में भी सक्रिय रहा है और वहां भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता रहा है। फिलहाल फरार आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस अन्य मामलों में भी इनकी संलिप्तता की जांच कर रही है।