मध्य पूर्व की धरती इस समय भीषण बारूद और मिसाइलों की गूँज से दहल रही है. चारों तरफ तबाही का मंजर है और आसमान से विध्वंसक विमान आग उगल रहे हैं. इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों ने ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया है. शुक्रवार सुबह ईरान के बुशहर प्रांत में स्थित रेड क्रिसेंट के गोदाम पर ड्रोन हमला हुआ है. इस हमले में दो रिलीफ कंटेनर, दो बसें और एक एम्बुलेंस पूरी तरह नष्ट हो गए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी पुष्टि की है कि ईरान में स्वास्थ्य सुविधाओं पर अब तक 20 से ज्यादा हमले हुए हैं. इन हमलों के बावजूद ईरान ने हार नहीं मानी है और वह एक ‘जिंदा टाइगर’ की तरह मोर्चे पर डटा हुआ है.
ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई अत्यंत घातक रही है. ईरानी सेना (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के अत्याधुनिक एफ-35 फाइटर जेट को मार गिराया है. इसके अलावा, ईरान ने इजरायल के तेल अवीव के पूर्व में स्थित रामत गन में मिसाइल हमला किया है. इस हमले में एक इमारत सीधे निशाने पर आई, जिससे दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. तेल अवीव के इलाकों में हमलों के डर से लगातार सायरन बज रहे हैं और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं. इराक और कुवैत की तेल रिफाइनरियों पर भी ड्रोन हमलों के कारण भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट और गहराने की आशंका है.
रणनीतिक रूप से ईरान ने अब ‘जैसे को तैसा’ की नीति अपना ली है. अमेरिका द्वारा कारज के पास स्थित बी-1 पुल को नष्ट किए जाने के बाद ईरान ने खाड़ी और जॉर्डन के आठ प्रमुख पुलों की एक लिस्ट जारी की है. ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने इसे एक संभावित जवाबी कार्रवाई का संकेत बताया है. इस ‘हिट लिस्ट’ में कुवैत का शेख जाबेर पुल, सऊदी और बहरीन को जोड़ने वाला किंग फहद कॉजवे और यूएई के प्रमुख पुल शामिल हैं. अमेरिका ने इस युद्ध में पहली बार किसी नागरिक ढांचे को निशाना बनाया है, जिसमें आठ लोग मारे गए हैं. इस घटना ने खाड़ी देशों में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने बी-1 पुल पर हमले का वीडियो जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अभी तो शुरुआत हुई है और जल्द ही बिजली संयंत्रों की बारी आएगी. इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा है कि नागरिक ढांचों पर हमला करना दुश्मन की हताशा और हार को दर्शाता है. सीएनएन के अनुसार, ईरान के पास वर्तमान में अपनी मिसाइलों का लगभग आधा स्टॉक और हजारों ड्रोन सक्रिय अवस्था में मौजूद हैं. यह जानकारी अमेरिका और इजरायल के सैन्य रणनीतिकारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.
युद्ध का दायरा अब लेबनान तक भी पहुँच गया है. इजरायल ने लेबनान के दक्षिणी शहरों के नौ इलाकों को खाली करने का सख्त अलर्ट जारी किया है. बहरीन और कुवैत जैसे देशों में भी धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के सभी रास्ते फिलहाल पूरी तरह बंद हो गए हैं. मध्य पूर्व में जंग की यह आग बुझने के बजाय और अधिक भड़कती हुई नजर आ रही है. दोनों पक्ष एक-दूसरे के आर्थिक और सामरिक हितों को चोट पहुँचाने के लिए नए-नए मोर्चे खोल रहे हैं.