काठमांडू: नेपाल की सियासत में आज उस वक्त ‘ज्वालामुखी’ फट गया, जब बालेन शाह के शपथ लेते ही पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को उनके गुंडू स्थित निवास से हिरासत में ले लिया। यह गिरफ्तारी साधारण नहीं है, बल्कि इसके पीछे ‘हत्या’ जैसे गंभीर आपराधिक मामलों के तार जुड़े हैं।
क्यों हुई गिरफ्तारी? (Gen-Z प्रोटेस्ट का हिसाब)
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ओली पर ‘कुलपेबल होमिसाइड’ (दोषपूर्ण मानव वध) का संगीन आरोप है। मामला पिछले साल सितंबर में हुए ‘Gen-Z’ विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा है। आरोप है कि उस दौरान आंदोलन को कुचलने के लिए जिस ताकत का इस्तेमाल हुआ, उसकी सीधी जिम्मेदारी तत्कालीन सरकार की थी। ओली के साथ पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया गया है।
जांच के घेरे में सुरक्षा बल
एक ताजा जांच रिपोर्ट ने नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली पर भी कालिख पोती है। रिपोर्ट में नेपाल पुलिस, सशस्त्र बल और सेना के कुछ आला अधिकारियों की भूमिका को संदिग्ध माना गया है। हालांकि, नई सरकार ने फिलहाल संयम बरतते हुए पहले पूरी कड़ियां जोड़ने का फैसला किया है, जिसके बाद खाकी और वर्दी पर भी गाज गिर सकती है।
नेपाल की राजनीति में ‘न्यू एरा’?
एक तरफ बालेन शाह जैसे युवा चेहरे का उदय और दूसरी तरफ केपी ओली जैसे दिग्गज नेता की गिरफ्तारी—यह साफ संकेत है कि नेपाल की राजनीति अब पुराने ढर्रों से निकलकर एक बेहद आक्रामक और अनिश्चित मोड़ पर खड़ी है। आने वाले दिन काठमांडू की सड़कों पर भारी उथल-पुथल भरे हो सकते हैं।