असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सभी प्रमुख दल राज्य में अपनी ताकत झोंक रहे हैं। चुनाव प्रचार के बीच कांग्रेस नेताओं के बयान भी माहौल को गरमा रहे हैं। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता D. K. Shivakumar ने असम दौरे के दौरान दावा किया कि इस बार राज्य में बदलाव तय है और कांग्रेस सत्ता में वापसी करेगी। उनके इस बयान ने चुनावी बहस को और तेज कर दिया है, क्योंकि वर्तमान में राज्य में Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है।
चुनाव प्रचार के लिए असम पहुंचे D. K. Shivakumar ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जनता इस बार परिवर्तन के पक्ष में मतदान करेगी। उन्होंने मौजूदा राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि असम में अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार काम कर रही है। उनके अनुसार, लोगों में सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है और यही कांग्रेस के लिए अवसर बन सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस राज्य में संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ता सक्रिय हैं। शिवकुमार ने दावा किया कि गांवों और कस्बों में कांग्रेस को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उनका मानना है कि बेरोजगारी, महंगाई और विकास से जुड़े मुद्दे इस चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे।
वहीं दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल भी चुनाव जीतने को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में बीजेपी सरकार विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था में सुधार को अपनी उपलब्धि बता रही है। पार्टी का कहना है कि पिछले वर्षों में राज्य में निवेश बढ़ा है, सड़क और परिवहन व्यवस्था बेहतर हुई है तथा कई सामाजिक योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम का चुनाव इस बार काफी दिलचस्प हो सकता है। एक ओर बीजेपी अपने विकास एजेंडे और मजबूत संगठन के दम पर सत्ता बरकरार रखने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कम्बेंसी) का फायदा उठाने की रणनीति बना रही है। इसके अलावा क्षेत्रीय दलों की भूमिका भी परिणामों को प्रभावित कर सकती है।
चुनाव के नजदीक आते ही राज्य में रैलियों, जनसभाओं और रोड शो की संख्या बढ़ती जा रही है। विभिन्न दल मतदाताओं को लुभाने के लिए स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति के पहलुओं को भी उठा रहे हैं। युवाओं के रोजगार, किसानों की आय, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचा जैसे विषय प्रमुख चुनावी मुद्दे बने हुए हैं।
असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल बेहद सक्रिय और प्रतिस्पर्धी नजर आ रहा है। कांग्रेस नेता D. K. Shivakumar का दावा और बीजेपी का आत्मविश्वास दोनों ही संकेत देते हैं कि मुकाबला कड़ा होने वाला है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जनता किसे अपना समर्थन देती है और क्या राज्य में सत्ता परिवर्तन होगा या वर्तमान सरकार फिर से वापसी करेगी।