महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा की एक सीट को लेकर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। शिवसेना (यूबीटी) के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भी इस सीट पर अपना दावा ठोक दिया है, जिससे गठबंधन के भीतर खींचतान बढ़ती नजर आ रही है।
बताया जा रहा है कि सीट बंटवारे को लेकर गठबंधन के प्रमुख नेताओं के बीच बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस ने खुद को राष्ट्रीय पार्टी बताते हुए राज्यसभा सीट पर प्राथमिक दावा जताया। कांग्रेस का तर्क है कि राष्ट्रीय स्तर पर उसकी भूमिका और संगठनात्मक मजबूती को देखते हुए उसे यह सीट मिलनी चाहिए।
दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) भी इस सीट को अपने लिए अहम मान रही है और पहले ही अपना दावा पेश कर चुकी है। पार्टी का मानना है कि राज्य में उसकी राजनीतिक स्थिति और कार्यकर्ताओं के हितों को देखते हुए उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इस खींचतान के चलते महा विकास अघाड़ी के भीतर तालमेल की चुनौती एक बार फिर सामने आ गई है। हालांकि, गठबंधन के नेता सार्वजनिक रूप से एकजुटता बनाए रखने की बात कर रहे हैं, लेकिन अंदरूनी मतभेद साफ तौर पर दिखने लगे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर समय रहते सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनी, तो इसका असर आने वाले चुनावों और गठबंधन की मजबूती पर पड़ सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एमवीए के नेता इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं और आखिरकार राज्यसभा की यह सीट किस पार्टी के खाते में जाती है।