प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत देश के किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को हर साल ₹6,000 की राशि दी जाती है, जो तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय को बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
अब तक इस योजना के तहत 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और करोड़ों किसान इसका लाभ उठा चुके हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को तमिलनाडु के कोयंबटूर से 21वीं किस्त जारी की थी। इस दौरान करीब ₹18,000 करोड़ की राशि 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई। योजना की शुरुआत से अब तक ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा की रकम सीधे किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है, जो इसकी व्यापकता और प्रभाव को दर्शाता है।
अब किसानों को 2026 में आने वाली 22वीं किस्त का इंतजार है। हालांकि, इस बार सरकार ने एक महत्वपूर्ण शर्त रखी है—e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी) को पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि जिन किसानों का e-KYC पूरा नहीं होगा, उन्हें अगली ₹2,000 की किस्त नहीं मिल पाएगी। इसलिए सभी लाभार्थियों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे समय रहते अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी कर लें।
e-KYC प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सरकार ने दो विकल्प दिए हैं। पहला, OTP आधारित e-KYC, जिसे किसान PM-Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आसानी से पूरा कर सकते हैं। दूसरा, बायोमेट्रिक e-KYC, जिसे नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाकर कराया जा सकता है। यह प्रक्रिया आधार कार्ड से जुड़ी होती है, जिससे लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित की जाती है और फर्जीवाड़े को रोका जा सकता है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। लाभार्थी का भारतीय नागरिक होना जरूरी है और उसके पास खेती योग्य जमीन होनी चाहिए। इसके अलावा, केवल छोटे और सीमांत किसान ही इस योजना के पात्र हैं। यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 या उससे अधिक पेंशन प्राप्त करता है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकता। साथ ही, जो लोग आयकर भरते हैं या संस्थागत भूमि धारक हैं, वे भी इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
किसान अपने लाभार्थी स्टेटस को भी आसानी से ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें PM-Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प पर क्लिक करना होगा। वहां अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड डालकर ‘Get Data’ पर क्लिक करने पर पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी। इससे यह पता चल जाएगा कि किस्त मिलेगी या नहीं और कहीं कोई समस्या तो नहीं है।
इसके अलावा, किसान यह भी देख सकते हैं कि उनका नाम लाभार्थियों की सूची में शामिल है या नहीं। इसके लिए वेबसाइट पर ‘Beneficiary List’ सेक्शन में जाकर राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव की जानकारी भरनी होती है। इसके बाद ‘Get Report’ पर क्लिक करने से पूरी सूची सामने आ जाती है।
अगर किसी किसान को e-KYC या भुगतान से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या आती है, तो वह हेल्पलाइन नंबर 155261 या 011-24300606 पर संपर्क कर सकता है। यहां से उन्हें जरूरी सहायता मिल सकती है।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि PM-Kisan योजना किसानों के लिए एक बड़ी मदद साबित हो रही है, लेकिन इसका लाभ उठाने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करना बेहद आवश्यक है। e-KYC को समय पर पूरा करना इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। यदि किसान इस प्रक्रिया को नजरअंदाज करते हैं, तो उन्हें अगली किस्त से वंचित रहना पड़ सकता है। इसलिए बेहतर यही होगा कि सभी पात्र किसान जल्द से जल्द अपनी e-KYC पूरी करें, ताकि 22वीं किस्त बिना किसी रुकावट के उनके खाते में पहुंच सके।