साउथ फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित सितारे Vijay Deverakonda और Rashmika Mandanna जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। दोनों की शादी 26 फरवरी को राजस्थान के खूबसूरत शहर उदयपुर में होने वाली है। इस हाई-प्रोफाइल शादी को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि, यह शादी बेहद निजी रखी जा रही है, जिसमें केवल परिवार और करीबी दोस्तों को ही आमंत्रित किया गया है।
इस बीच शादी से जुड़ी एक खास जानकारी सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, विजय और रश्मिका ने अपने इस खास दिन को पारंपरिक और सांस्कृतिक रूप देने का फैसला किया है। शादी में मेहमानों को खाना केले के पत्तों पर परोसा जाएगा और उनके स्वागत के लिए नारियल पानी की व्यवस्था की गई है।
दक्षिण भारतीय परंपराओं में केले के पत्ते पर भोजन परोसना बहुत शुभ माना जाता है। यह समृद्धि, शुद्धता और अच्छे भविष्य का प्रतीक होता है। इसी तरह नारियल पानी भी पवित्रता और स्वागत का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में यह साफ है कि यह जोड़ी अपनी जड़ों से जुड़ी हुई है और अपनी शादी को भी उसी परंपरा के अनुसार सादगी और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ मनाना चाहती है।
हाल ही में इस कपल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए अपनी शादी को लेकर एक खास घोषणा भी की। उन्होंने अपने फैंस के लिए एक इमोशनल नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने अपने रिश्ते को “VIROSH” नाम दिया। यह नाम उनके फैंस द्वारा दिया गया है, जिसे उन्होंने बेहद प्यार से स्वीकार किया।
उन्होंने लिखा कि उनके फैंस शुरू से ही उनके साथ रहे हैं और उन्होंने ही इस रिश्ते को पहचान दी है। इसलिए उन्होंने अपनी शादी को “Wedding of VIROSH” नाम देने का फैसला किया। यह कदम उनके फैंस के प्रति उनके प्यार और सम्मान को दर्शाता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह शादी बेहद प्राइवेट रखी जा रही है और इसमें फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को आमंत्रित नहीं किया गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि दोनों इस खास मौके को अपने परिवार और करीबी दोस्तों के साथ शांति और सादगी से बिताना चाहते हैं।
हालांकि, शादी के बाद यह कपल एक भव्य रिसेप्शन देने की योजना बना रहा है। यह रिसेप्शन 4 मार्च को हैदराबाद में आयोजित किया जाएगा, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारे और करीबी लोग शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि यह समारोह काफी शानदार और भव्य होगा।
विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी परंपरा, सादगी और निजीपन का एक बेहतरीन उदाहरण बनने जा रही है। जहां एक ओर यह शादी ग्लैमर से दूर है, वहीं दूसरी ओर इसमें भारतीय संस्कृति और मूल्यों की झलक साफ दिखाई देती है।