रायबरेली से कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया, लेकिन अब इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
धमकी का यह मामला तब सामने आया जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में एक व्यक्ति राहुल गांधी समेत करीब 25 सांसदों को गोली मारने की धमकी देता नजर आया।
जांच के बाद पुलिस ने राजस्थान के कोटा से आरोपी राज सिंह आमेर (राजा अमेरा) को हिरासत में लिया। आरोपी ने खुद को करणी सेना से जुड़ा बताया था, जिससे मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया।
BJP की प्रतिक्रिया
इस पूरे विवाद पर बीजेपी सांसद Shashank Mani Tripathi ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का किसी नेता के साथ फोटो खिंचवा लेना इस बात का प्रमाण नहीं है कि वह उस पार्टी से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी अक्सर गलत बयान देते रहते हैं। अगर कोई व्यक्ति स्पीकर के साथ फोटो खिंचवा ले, तो इसका मतलब यह नहीं कि वह हमारा नेता है।”
इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि उन्हें सकारात्मक मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए, न कि अनावश्यक बयानबाजी करनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष पर टिप्पणी
बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि राहुल गांधी को अपनी भूमिका को समझना चाहिए। उनके अनुसार, “जिस तरह की बयानबाजी राहुल गांधी करते हैं, उससे लगता है कि वे लंबे समय तक नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में नहीं रह पाएंगे।”
हालांकि, राहुल गांधी की कोर्ट में चल रही पेशी के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में है, इसलिए उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
आरोपी क्या कह रहा है?
हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया है। उसने दावा किया कि वायरल वीडियो के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है और यह उसके खिलाफ साजिश है।
उसका कहना है कि विपक्षी दलों ने उसके नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर यह वीडियो फैलाया है। खुद को “सनातनी हिंदू” बताते हुए उसने कहा कि वह भारत को एक हिंदू राष्ट्र के रूप में देखना चाहता है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो में आरोपी खुद को करणी सेना से जुड़ा